दिल्ली मेडिकल स्टोर का बोर्ड बदलकर बचाई दुकान
- फोटो : शुभम बंसल
रवि ने भर्राए हुए गले से बताया कि बचपन से वह दोनों समुदायों के साथ रहते आए हैं। होली होती है तो मेरे दोस्त जमीर, शकील, अशरफ उनके घर होली खेलने आते हैं। किशन बताता है कि कितनी ही बार उसने ईद की नमाज अपने मुस्लिम दोस्तों के साथ मस्जिद में अदा की। किशन बताता है कि हम बचपन में एक साथ स्कूल गए, बड़े हुए। देर रात को एक साथ घूमते भी हैं, ऐसे में हम एक-दूसरे से अलग रहने और हमला करने के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं।