गुरुग्राम के भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गुरुग्राम पुलिस द्वारा बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया गया था। मामला बढ़ने के बाद 22 सितंबर को इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई जांच में चौंका देने वाला सच सामने आया कि इस हत्या में 11वीं कक्षा का छात्र शामिल है। सीबीआई ने उसे हिरासत में लिया। फिलहाल वह बाल सुधार गृह फरीदाबाद में है।
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इस मामले में मृत मासूम प्रद्युम्न के अधिवक्ता की ओर से याचिका दायर की गई थी कि आरोपी ने संगीन वारदात को अंजाम दिया है, इसलिए उस पर बालिगों की तरह मुकदमा चलाया जाए। इसके साथ ही सीबीआई की ओर से आरोपी छात्र के उंगलियों के निशान लेने के लिए बोर्ड के समक्ष याचिका दायर की थी।
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- फोटो : अमर उजाला
अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। देश के बहुचर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में तलवार दंपति की ओर से केस लड़ने वाले वकील तनवीर अहमद मीर अब आरोपी छात्र की ओर से केस लड़ेंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
तनवीर अहमद ने परिजनों व आरोपी छात्र की ओर से मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता संदीप अनेजा से केस का स्टेटस जाना व फाइल की बारीकी से जांच की है। पिछले शुक्रवार को मामले में आरोपी छात्र की ओर से अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर द्वारा पैरवी भी की गई।
बता दें कि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने सभी याचिकाओं पर बहस सुनने के बाद सुनवाई के लिए 13 दिसंबर की तारीख निश्चित की है। इस मामले में बोर्ड द्वारा तैयार की गई सोशल इनवेस्टिगेशन रिपोर्ट व साइको टेस्ट रिपोर्ट अब तक बोर्ड में सील बंद है।