दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के छात्रों ने बृहस्पतिवार को अपनी मांगों को लेकर विधानसभा पर प्रदर्शन किया। (सभी फोटो: ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली)
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देखिए पुलिस ने किस तरह खदेड़े विधानसभा के बाहर से डीयू छात्र
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क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के बैनर तले छात्रों के अचानक पहुंचने पर पुलिस को पुलिस को विधानसभा के मुख्य द्वार पर ताला लगाना पड़ा।
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इसकी वजह से गांधी नगर से विधायक अनिल वाजपेयी सदन की कार्रवाई में देर से पहुंचे। बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान वाजपेयी ने पुलिस से काफी कहा, लेकिन पुलिस ने गेट नहीं खोला।
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मौके पर एसएचओ, एसीपी और डीसीपी पहुंच गए। छात्रों ने पुलिसकर्मियों से धक्का मुक्की की। स्थिति पर नियंत्रण के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा, इसके बाद ही छात्रों को वहां से हटाया जा सका।
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छात्रों ने पुलिस पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सादे कपड़ों वाले कई पुलिसकर्मियों ने जानबूझकर छात्रों को बुरी पीटा।
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हालांकि कुछ देर बाद उन्हें छोड़ दिया गया। बता दें कि एसओएल में लगभग पांच लाख छात्र पढते हैं। वह नियमित कक्षाओं के लिए लगातार गुहार लगाते आ रहे हैं। छात्रों की मांग है कि दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 28 कॉलेजों में रेगुलर ईवनिंग कॉलेज शुरू किया जाए।
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क्रांतिकारी युवा संगठन के रोहित सिंह ने बताया कि इस संबंध में छात्र दिल्ली सरकार को दो बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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छात्रों का कहना है कि रेगुलर कॉलेज के छात्रों की भांति एसओएल के छात्रों को भी ऑल रूट बस पास दिया जाए। सरकार उन्हें पास न देकर भेदभाव की नीति अपना रही है।
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साथ ही यह भी कहा कि आगामी माह में केंद्र सरकार नैरोबी में आयोजित होने वाली डब्ल्यूटीओ की बैठक में उच्च शिक्षा के निजीकरण के लिए कदम बढ़ा रही है। वहीं दिल्ली सरकार इस पर अपनी राय देने से कतरा रही है, क्योंकि वह खुद ही शिक्षा का निजीकरण का समर्थन करती रही है।