gopal rai
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वहीं मीडिया से बात करते हुए आप दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने बताया कि नीतिगत स्तर पर आप का कांग्रेस से हमेशा से विरोध रहा है। लेकिन केंद्र सरकार की मौजूदा तानाशाही से जिस तरह से संवैधानिक संस्थाओं पर संकट आ खड़ा हुआ है, आप कांग्रेस के साथ समझौता करने पर राजी हो गयी थी। आप से सुहानुभूति रखने वाले दलों ने भी कांग्रेस से गठबंधन की सलाह दी थी। कोशिश यही थी कि भाजपा विरोधी मतों का बंटवारा न हो। गोपाल राय के मुताबिक, बावजूद इसके कांग्रेस घमंड में डूबी हुई है। कांग्रेस के लिए देश सर्वोपरि नहीं है। जिस प्रकार के बयान कांग्रेस के पंजाब मुख्यमंत्री केप्टन अमरिंदर सिंह और दिल्ली की नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित के आप विरोधी बयान आए हैं, उसे देखते हुयमे आप ने तय किया है कि पार्टी दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में अकेले चुनाव लड़ेगी।