-मालवीय नगर में सड़क किनारे, पटरी पर छोटा सा ढाबा चलाने वाले 80 वर्षीय बाबा लॉक डाउन के बाद गुजारे भर के भी नहीं जुटा पा रहे थे रुपये
-एक फूड ब्लॉगर ने वीडियो बनाकर बाबा की कहानी बयां की तो बाबा के ढाबे में गुरुवार को जुट गई भीड़, कई नेता बाबा के ढाबे पर पहुंचे
-क्रिकेटर अश्विन, आईपीएल में दिल्ली की टीम समेत रवीना टंडन, सोनम कूपर, सुनील शैट्टी और कई नामी हस्तियों ने ट्वीट कर बुजुर्ग के ढाबे पर जाने की अपील की
-गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर से पहुंचे बहुत से लोग, कुछ ही घंटों में बिक गया बाबा खाना, बाबा के चेहरे पर थी अलग ही चमक
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बाबा का ढाबा के बाहर लगी मीडिया और लोगों की भीड़(बाएं ऊपर), ग्रीन टी-शर्ट में ब्लॉगर(बाएं नीचे) उसके बगल में आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ और दाएं बाबा का ढाबा चलाने वाले दंपती
- फोटो : शुजात आलम
दिल्ली के मालवीय नगर में सड़क किनारे फुटपाट पर अपना छोटा सा ढाबा चलाने वाले 80 वर्षीय बाबा कांता प्रसाद और उनकी पत्नी बादाम देवी रातों-रात मशहूर हो गए। दरअसल लॉकडाउन के बाद बुजुर्ग दंपती अपने इस ढाबे से गुजारे भर के पैसे भी नहीं निकाल पा रहे थे। एक फूड ब्लॉगर की 'बाबा का ढाबा' पर नजर पड़ी तो उसने बाबा के ढाबे की एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी। वीडियो में बाबा रोते हुए दिख रहे हैं। ब्लॉगर ने लोगों से अपील करी कि वह एक बार बाबा के ढाबे पर खाना खाने जरूर आएं। बस फिर क्या था बाबा रातों-रात मशहूर हो गए। आगे पढ़ें कौन हैं ये दंपती जिनके ढाबे पर जाने के लिए नेता से लेकर क्रिकेटर और फिल्मी हस्तियों तक ने लोगों से गुजारिश की....
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बाबा का ढाबा
- फोटो : शुजात आलम
क्रिकेटर अश्विन ने ट्वीट कर लिखा कि वह बाबा की मदद कैसे करें। वहीं बॉलीवुड हस्तियों रवीना टंडन, सोनम कपूर, सुनील शैटी जैसे सेलिब्रिटी और आईपीएल में दिल्ली की टीम ने बाबा के ढाबे पर जाने की लोगों से अपील कर की। ऐसे में गुरुवार को बाबा का ढाबा खुलते ही वहां भीड़ जुट गई। चंद ही घंटों में बाबा का सारा खाना बिक गया। अचानक इतनी भीड़ और लोगों का प्यार देखकर बाबा की आंखें खुशी से भर आई। उन्होंने कहा जैसे पूरा देश हमारी मदद को आगे आ गया है। हर कोई हमारी मदद कर रहा है।
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वो ब्लॉगर जिसने मशहूर किया बाबा का ढाबा
- फोटो : शुजात आलम
गुरुवार को बाबा के ढाबे पर दिल्ली-एनसीआर से लोगों की भीड़ के अलावा मीडिया का जमावड़ा लग गया। स्थानीय आप विधायक सोमनाथ भारती के अलावा सौरभ भारद्वाज निगम पार्षद नंदनी शर्मा समेत कई अन्य लोकल नेता भी बाबा के ढाबे पर पहुंच गए। यहां पहुंचे लोगों ने न सिर्फ बाबा का खाना खाया बल्कि अलग से रुपये देकर बाबा की मदद भी की।
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बाबा का ढाबा के बाहर लगी मीडिया और लोगों की भीड़
- फोटो : शुजात आलम
कुछ लोग तो बाबा के लिए दाल, चावल, आटे और खाने-पीने का अन्य सामान लेकर ही वहां पहुंच गए। बाबा कांता प्रसाद ने बताया कि लॉक डाउन से पूर्व उनके ढाबे पर खाना बिक जाया करता था। लेकिन लॉक डाउन में पहले तो ढाबा बंद रहा, लेकिन लॉक डाउन खुलने के बाद उनका खाना कोई लेने का तैयार नहीं था। ऐसे में उनका गुजारा करना भी मुश्किल हो गया। हालत यह हो गई कि जितने का वह खाना बना रहे थे, उसकी लागत भी निकलना मुश्किल हो रही थी।
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बुजुर्ग दंपती का बेटा
- फोटो : शुजात आलम
गाजियाबाद से बाबा के ढाबे पर खाना खाने आई पायल ने बताया कि उसने बाबा का वीडियो देखा तो बाबा के ढाबे पर खाना खाने की ठान ली। बाबा के ढाबे पर पर उसने मटर पनीर खाया जो बहुत ही अच्छा था। बृहस्पतिवार को बाबा ने आलू-प्याज के परांठे, रोटी, मटर-पनीर, राजमा उड़द, दाल बनाई थी जो चंद ही घंटों में बिक गया। बाबा ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि भैया आज तो उन्हें खाना खाने की भी फुरसत नहीं मिली। बाबा के ढाबे पर मौजूद कई युवाओं ने सभी से एक बार बाबा के ढाबे पर जरूर आने अपील की।
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लोगों ने बढ़ाए मदद के हाथ
- फोटो : शुजात आलम
कौन हैं 'बाबा का ढाबा' वाले 80 वर्षीय बुजुर्ग...
मूलरूप से गांव पिपरी, बाजार रानीपुर, आजमगढ़ यूपी के रहने वाले बाबा कांता प्रसाद अपने परिवार के साथ जगदंबा कैंप, शेख सराय फेज-1 में रहते हैं। इनके परिवार में पत्नी बादाम देवी, बड़ी शादीशुदा बेटी सरोज के अलावा दो बेटे आजाद हिंद (37) और करण (27) है। बड़ा बेटा शादीशुदा है, उसकी एक बच्ची भी है। वहीं बेटी को उसके पति ने छोड़ा हुआ है वह अपने बच्चों समेत माता-पिता के साथ ही रहती है।
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लोगों की भीड़
- फोटो : शुजात आलम
बाबा कांता प्रसाद बी-ब्लॉक, कॉर्नर मार्केट, मालवीय नगर में वर्ष 1988 से बाबा का ढाबा नाम से ढाबा चलाते हैं। फुटपाथ पर ढाबे को बकायदा एसडीएमसी से लाइसेंस भी मिला हुआ है। बाबा ने बताया कि लॉक डाउन में बड़े बेटे की नौकरी चली गई। छोटा बेटा डिलीवरी मैन की नौकरी कर पांच-छह हजार रुपये कमाता है। ऐसे में पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन पर ही थी। बाबा अपनी पत्नी बादाम देवी के साथ सुबह छह बजे ढाबे पर पहुंच जाते हैं।
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ढाबे के बाहर पत्रकारों का लगा जमावड़ा
- फोटो : शुजात आलम
सुबह चाय और परांठा बनाते हैं, इसके बाद सुबह 10 बजे के बाद खाना शुरू हो जाता है। लॉक डाउन की वजह से उनके परिवार के भूखे मरने की नौबत आ गई थी। किसी तरह दोबारा से ढाबा शुरू किया, लेकिन वह चल नहीं रहा था। कांता प्रसाद और उनकी पत्नी बादामी देवी मिलकर ढाबे पर खाना बनाते हैं। दोनों अब खड़े होने की ताकत भी मुश्किल से जुटा पाते हैं, लेकिन अपना परिवार चलाने के लिए दोनों हिम्मत जुटाकर काम कर रहे हैं। अब इतनी मदद होने के बाद बाबा की आंखों में बार-बार आंसू छलक रहे थे। वह सबका धन्यवाद करते नहीं थक रहे थे।
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आप नेता सौरभ भारद्वाज भी पहुंचे बाबा के ढाबे पर
- फोटो : शुजात आलम
बाबा की मदद के लिए देशभर से उठ हाथ...
मालवीय नगर निवासी गौरव वासन ने बताया कि बाबा की मदद के लिए पूरे देशभर से मदद के हाथ उठे हैं। बाबा के नाम से उनके पास अब तक डेढ़ लाख रुपये अधिक आ चुके हैं। रुपये आने का सिलसिला जारी है। गौरव सोशल मीडिया पर बाबा का अकाउंट नंबर लोगों शेयर करने की बात करने लगे।
वहीं दिन में बाबा के पास पहुंचे लोगों ने भी जमकर बाबा की मदद की। कई बड़ी हस्तियों ने भी बाबा की मदद की इच्छा जाहिर की। गौरव बताते हैं वह दो दिन पूर्व बस बाबा का खाना खाने पहुंचा था। बाबा का खाना इतना अच्छा बना हुआ था कि उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने वीडियो बनाकर बाबा के ढाबे पर आकर खाना खाने की अपील कर ली।