stephen Hawking
लाइलाज बीमारी में जिए कई सालः बता दें कि प्रोफेसर हॉकिंग को मोटर न्यूरॉन नाम की बीमार थी। यह बीमारी उन्हें 1963 में हुई थी। डॉक्टर ने उन्हें कहा था कि वो दो साल ही जी पाएंगे, लेकिन हॉकिंग ने हार नहीं मानी। इसमें उनके पूरे शरीर ने काम करना बंद कर दिया सिर्फ एक दिमाग ही था जो कार्य कर रहा था। कहा जाता है कि वो शायद दुनिया के एकमात्र इंसान थे जो इस बीमारी के बावजूद लंबे समय तक जिंदा रहे।