फ्री लंच और बस या मेट्रो में मुफ्त सफर जैसी कोई चीज नहीं होती। प्लीज को अरविंद केजरीवाल को याद दिलाए।- शोभा डे
वहीं एक ट्विटर यूज प्रवीन ने लिखा, इस बार ये इस तरह से हो रहा है-
दिल्ली में पुरुष- यह लिंगभेद है। यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं है।
दिल्ली में महिलाएं- घर में तेरी मां-बहन नहीं है क्या?
दीपक राणा नाम के एक शख्स ने केजरीवाल के ट्विटर बायो को लिंक करते हुए पूछा कि जब आपने लिखा है कि सब इंसान बराबर हैं तो फिर बस और मेट्रो में फ्री राइड सिर्फ महिलाओं को ही क्यों?