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फ्री सफर का एलान करते ही ट्रोल हुए केजरीवाल, एक ने कहा- महिलाओं को भिखारी समझा है क्या

Tue, 04 Jun 2019 08:27 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अक्सर ही किसी न किसी बात को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स के निशाने पर रहते हैं। अब वह एक बार से ट्विटर पर टॉप ट्रेंड में हैं। जब से उन्होंने महिलाओं के लिए दिल्ली मेट्रो और डीटीसी व क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा का एलान किया है तब से वह ट्रोलर्स के निशाने पर हैं। सिर्फ पुरुष ही नहीं महिलाएं भी उनके इस फैसले से खासा नाराज हैं। लेखिका शोभा डे ने भी केजरीवाल के इस फैसले से नाखुशी जाहिर करते हुए ट्वीट भी किया है। आगे पढ़िए किसकी क्या है राय...

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- फोटो : अमर उजाला
फ्री लंच और बस या मेट्रो में मुफ्त सफर जैसी कोई चीज नहीं होती। प्लीज को अरविंद केजरीवाल को याद दिलाए।- शोभा डे

वहीं एक ट्विटर यूज प्रवीन ने लिखा, इस बार ये इस तरह से हो रहा है-
दिल्ली में पुरुष- यह लिंगभेद है। यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं है।
दिल्ली में महिलाएं- घर में तेरी मां-बहन नहीं है क्या?

दीपक राणा नाम के एक शख्स ने केजरीवाल के ट्विटर बायो को लिंक करते हुए पूछा कि जब आपने लिखा है कि सब इंसान बराबर हैं तो फिर बस और मेट्रो में फ्री राइड सिर्फ महिलाओं को ही क्यों?

 
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- फोटो : सोशल मीडिया
केजरीवाल के फैसले पर वैभव द्विवेदी नाम के यूजर ने लिखा, अगर दिल्ली सरकार महिलाओं के फ्री में यात्रा से होने वाले नुकसान के लिए सब्सिडी दे सकती है। तब उन्हें सबके लिए मेट्रो का किराया कम कर देना चाहिए था।

एक यूजर ने लिखा, मुझे समझ नहीं आता कि मुफ्त में यात्रा करने से महिलाओं को सुरक्षा कैसे मिलेगी? हर नौकरीपेशा टैक्स देता है तो फिर फ्री में सफर सिर्फ महिलाओं के लिए ही क्यों और वो भी सुरक्षा को कारण बताकर। केजरीवाल - एक शिक्षित तुगलक है।

 

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kejriwal - फोटो : अमर उजाला
अमित लखानी नाम के यूजर ने लिखा फ्री दिल्ली मेट्रो वो भी सिर्फ महिलाओं के लिए इसका मतलब है कि करोड़ों रुपए जो महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और अन्य स्कीमों पर भारत सरकार और आप सरकार द्वारा खर्च किए गए वो सब नाली में चले गए। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की बजाए आप उन्हें भिखारियों जैसा ट्रीट करना चाहते हैं, क्या महिलाएं भिखारी हैं?
 
वहीं अदिति शर्मा नाम की एक यूजर ने लिखा कि, देश की मजबूत और स्वावलंबी महिलाएं इस चार्टर के खिलाफ खड़ी होंगी। वह कमाती है, वह अपनी यात्रा का खर्च उठा सकती है। यह असमानता को बढ़ाने वाला कदम है। यह महिलावाद की अवधारणा को खत्म करने वाला है।

 
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
प्रेरणा भारद्वाज ने लिखा, वाह केजरीवाल जी! क्या फैसला है। क्या आप दिल्ली की महिलाओं से ऐसी बात की उम्मीद लगा रहे हैं? आपको निराश करने के लिए माफी चाहते हैं लेकिन एक बात नोट कर लीजिए, हम अपने वोट फ्री मेट्रो और बस सफर के लिए नहीं बेचते।

आम आदमी पार्टी दिल्ली मेट्रो को बर्बाद कर देगी वो भी सिर्फ वोट के लिए। मुफ्त की चीजें विकास प्रभावित करती हैं। मेट्रो को चलने के लिए पैसे चाहिए। मैं मेट्रो का किराया देने में समर्थ हूं और मैं देती रहूंगी।

 
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केजरीवाल और सिसोदिया - फोटो : अमर उजाला
ऑकवर्ड नाम के एक यूजर ने लिखा, दिल्ली की लड़कियों तैयार हो जाओ हर बार जब मेट्रो में यात्रा करो तो बेइज्जती झेलने के लिए और सुनने के लिए, 'एक तो मुफ्त में घुस जाती हैं और ऊपर से सीट भी नहीं देती'।

राहुल डाइनेस्टी ने लिखा, केजरीवाल जी आपके जैसे लोग हैं जो ये फील कराते रहते हैं कि जनरल कैटेगरी का पुरुष होकर पैदा होना कितना बड़ा पाप है। आप हर आईआईटी के लिए अपमानजनक हैं। आपको अपनी पार्टी पर शर्म आनी चाहिए।

 
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