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हाथों में पूजा की थाली आज है रात सुहागों वाली, पढ़ें कब होगा चांद का दीदार 

Sat, 27 Oct 2018 05:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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karwa chauth - फोटो : अमर उजाला
सुहाग और प्रेम के प्रतीक का त्योहार करवाचौथ की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को बाजारों में खूब रौनक देखने को मिली। मेंहदी लगवाने वाले से लेकर सोलह श्रृंगार वाली दुकानों पर दिन भर महिलाएं खरीदारी करती रही। डिजाइनर चलनी व आकर्षक गोटे से सजे लोटे को भी महिलाओं ने खरीदा। करवाचौथ की रौनक सभी प्रमुख बाजारों में दिखाई दी। देर रात तक महिलाएं अपने परिवार के साथ खरीदारी करती रहीं।
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karwa chauth
कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर, कमला नगर, अशोक विहार, सरोजनी नगर, दिल्ली हाट, पीतमपुरा, जनकपुरी, मॉडल टाउन, पश्चिम विहार, लक्ष्मी नगर, प्रीत विहार, प्रंशात विहार, अवंतिका, रोहिणी जैसे बाजारों में महिलाओं ने मुंह मांगे दाम देकर मेंहदी लगवाए। महिलाओं ने इसके लिए 100 रुपये से लेकर 5000 रुपये से भी ऊपर तक खर्च किए। वहीं डिस्काउंट के साथ ब्यूटी पॉर्लर में भी खूब भीड़ रही।
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karwa chauth - फोटो : ट्विटर
लगभग आठ बजे होंगा चांद का दीदार 
कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवाचौथ का व्रत किया जाता है। पति की दीर्घायु के लिए करवाचौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को इस बार चांद का दीदार लगभग 8 बजे होगा। महिलाओं के लिए राहत की बात यह है कि इस बार चांद थोड़ा पहले निकल रहा है। पंडितों के अनुसार इस बार करवा चौथ की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5:36 बजे से शाम 6:53 बजे तक है।

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karwa chauth - फोटो : ट्विटर
इस साल करवाचौथ पर गुरु और चंद्र के दृष्टि संबंध की वजह से गज केसरी योग बन रहा है। गुरु ग्रह वृश्चिक राशि में है और चंद्र वृष राशि में रहेगा। ये एक शुभ योग है। इसके साथ ही 27 को सर्वार्थसिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग भी बन रहे हैं। इन तीन शुभ योगों में चौथ माता की पूजा करने से महिलाओं की सभी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं।
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karwa chauth - फोटो : ट्विटर
करवाचौथ पर करें ये 8 काम
1- सुबह जल्दी उठ कर घर के अंदर और बाहर सफाई करें। स्नान करते समय पानी में थोड़ा सा गंगाजल भी मिलाएं।
2- घर के बाहर रंगोली बनाएं। पूरे घर में गोमूत्र का छिड़काव करें।
3- चौथ माता के साथ गणेश भगवान की प्रतिमा स्थापित करें। व्रत का संकल्प लें। दिनभर निराहार रहें।
4- सूर्यास्त के बाद जब चंद्रोदय हो जाए भगवान गणेश की पूजा करें और लड्डू का भोग लगाएं।
5- भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें करवा माता की पूजा करें।
6- करवे मिट्टी के बर्तन में पानी भरें और ऊपर चांदी का सिक्का रखें। 
7- करवे को मिट्टी के दीपक से ढंककर उस पर मिठाई रखें। 
8- चंद्र दर्शन करें और चौथ माता की विधि विधान से पूजा करें।
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