वापस लौटे तो चिट्टी फाड़ देंगे
माइनस 13 डिग्री सेल्सियस तापमान, 16 हजार फीट ऊंची नॉल पहाड़ी जहां सांस लेना भी मुश्किल था। वीर जवान अपने कंधों पर 20 किलो वजन लिए आगे बढ़ रहे थे। पाकिस्तान की तरफ से लगातार बम बरसाए जा रहे थे। दोनों तरफ खाई थी। पाकिस्तानी बंकर से बम गिरने की वजह से पलटन 2 राजपूताना राइफल के कई जवान शहीद हो गए। विजयंत ने हार नहीं मानी और 19 सैनिकों के साथ आगे बढ़ते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ाए। कर्नल वीएन थापर बताते हैं कि शहादत के बाद उनके साथ रहे कैप्टन तोमर घर आए और एक उन्होंने विजयंत का अंतिम पत्र दिया। इस चिट्ठी में लिखा था ‘प्रिय पापा, मम्मी जब तक आपको ये खत मिलेगा तब तक मैं आप लोगों को आसमान से देख रहा होऊंगा और अप्सराओं की मेहमान नवाजी का लुत्फ उठा रहा होऊंगा। अगर मैं दोबारा इंसान बना तो मैं सेना में भर्ती होऊंगा और देश के लिए लडूंगा। विजयंत ने ये पत्र लिखते हुए अपने साथियों से कहा था कि वापस आ गए तो चिट्ठी फाड़ देना नहीं तो घर पहुंचा देना।