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कानपुर एनकाउंटर: कोर्ट में यूपी सरकार का जवाब, विकास ने पुलिस पर नौ गोलियां चलाई थीं, पढ़ें सवालों की पूरी लिस्ट

Sat, 18 Jul 2020 09:44 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
यूपी सरकार ने विकास दुबे मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में कहा है कि पुलिस ने एनकाउंटर को लेकर शीर्ष कोर्ट के दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन किया था। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ घनश्याम उपाध्याय व अनूप प्रकाश अवस्थी की याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में विकास एनकाउंटर की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media
कोर्ट ने पिछली तारीख पर संकेत दिया था कि वह हैदराबाद एनकाउंटर की तरह इस मामले में भी फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर सकती है। यूपी सरकार ने हलफनामे में कहा है कि दोनों मामलों में काफी अंतर है। हैदराबाद एनकाउंटर के आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं थी, जबकि विकास पर 64 आपराधिक केस थे और पुलिस पार्टी पर गोलियां बरसाने का उसका रिकॉर्ड रहा है। 


 
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विकास दुबे का एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
सरकार ने कोर्ट को बताया, इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज शशिकांत अग्रवाल की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। आयोग दो जुलाई को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या से लेकर 10 जुलाई के बीच विकास और उसके गुर्गों के एनकाउंटर की जांच करेगा। आयोग को दो महीने में रिपोर्ट देने को कहा गया है। विकास, पुलिस और नेताओं की सांठगांठ को लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी भी गठित की गई है।

 

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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
एनकाउंटर पर उठते हर सवाल का दिया जवाब
सवाल 1 : विकास को भागना ही था, तो उज्जैन में सरेंडर क्यों किया? 
सरकार: सरेंडर नहीं किया, महाकाल मंदिर प्रशासन और पुलिस ने उसे पहचाना। उसे गिरफ्तार किया गया।  
सवाल 2: जिस गाड़ी में विकास उज्जैन से निकलते वक्त बैठा था, वह गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुई? 
जवाब: सुरक्षा कारणों से अपराधी को एक गाड़ी से दूसरी गाड़ी में बिठाया जाता है।
सवाल 3: विकास को हथकड़ी क्यों नहीं पहनाई थी? 
जवाब: उसको कानपुर कोर्ट में पेश करना था और उसकी निगरानी में 15 पुलिसकर्मी थे।
सवाल 4: मीडिया को मुठभेड़ वाली जगह से दो किलोमीटर पहले क्यों रोका गया? 
जवाब: आरोप बेबुनियाद है। टोल प्लाजा के पास जाम लगा था। घटना के तत्काल बाद मीडियाकर्मी वहां पहुंचे। 
 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
सवाल 5: स्थानीय लोगों ने गोली चलने की आवाज सुनी, लेकिन हादसे का कोई गवाह नहीं? 
जवाब: किसी ने दावा नहीं किया कि गोली की आवाज सुनी। उस जगह आसपास घर नहीं हैं। भारी बारिश हो रही थी, ऐसे में पैदल यात्री भी नहीं थे। 
सवाल 6:  एक दिन पहले कोर्ट में याचिका दायर कर एनकाउंटर की आशंका जताई गई थी?
जवाब: आमतौर पर अपराधी भागते हैं तो एनकाउंटर का डर रहता है। विकास और उसके साथियों ने आठ पुलिस वालों की हत्या की थी। इन लोगों द्वारा फिर से पुलिस पर हमले की उम्मीद थी न कि आत्मसमर्पण करने की। इस तरह की आशंका कल्पना मात्र है।
सवाल 7 :  विकास के पैर में रॉड लगी थी और वह लंगड़ा कर चलता था। वह कैसे भाग सकता है?
जवाब: आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद विकास तीन किमी से अधिक दौड़ा था। महाकाल मंदिर में भी वह आराम से चलता दिख रहा है।
 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
सवाल 8:  पुलिस की चारों गोलियां विकास को कैसे लगी?
जवाब: पुलिस ने छह गोलियां चलाईं, जिसमें तीन विकास को लगीं।
सवाल 9: विकास भाग रहा था तो उसके शरीर के पिछले हिस्से में गोली क्यों नहीं लगी? 
जवाब: विकास ने पुलिस पर नौ गोलियां चलाई थीं। पुलिस और विकास के बीच आमने सामने से मुकाबला हो रहा था।
सवाल 10 : विकास का नाम 25 मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में क्यों नहीं था?
जवाब: उसका नाम 25 मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में था। 
सवाल 11: विकास को चार्टर्ड प्लेन से कानपुर लाने के निर्णय में बदलाव क्यों हुआ?
जवाब:  चार्टर्ड प्लेन से लाने का कोई प्लान ही नहीं था।
सवाल 12: दुर्घटनास्थल पर गाड़ी फिसलने व गाड़ी के क्षतिग्रस्त होने के प्रमाण नहीं हैं?
जवाब : गाड़ी फिसलने के निशान थे। साथ ही गाड़ी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई थी।
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