उज्जैन के महाकाल मंदिर से कुख्यात विकास दुबे की गिरफ्तारी कई तरह के सवाल खड़े कर रही है। मध्यप्रदेश पुलिस ने भले ही विकास को गिरफ्तार कर लिया हो, लेकिन जस तरह से उसे पकड़ा गया उससे पुलिस की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
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फिल्म सिटी के बाहर तैनात फोर्स
- फोटो : सोशल मीडिया
गिरफ्तारी के तरीके से स्पष्ट है कि विकास दुबे ने एनकाउंटर से बचने के लिए पूरी तरह से सुनियोजित योजना के तहत मंदिर में अपनी गिरफ्तारी दी है। बुधवार देर रात तक तो यूपी पुलिस नोएडा फिल्म सिटी में ही विकास दुबे को खोज रही थी। खबर थी कि विकास दुबे किसी मीडिया चैनल से सामने आत्मसमर्पण कर सकता है। अधिकतर चैनलों का मुख्यालय फिल्म सिटी में ही है, इसलिए शाम से ही वहां भारी फोर्स तैनात थी।
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फिल्म सिटी में वाहनों की चेकिंग करते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा ऐसी कि आसपास से गुजरने वाली हर गाड़ी की डिक्की तक को खोलकर देखा जा रहा था। पुलिस को उम्मीद थी कि विकास सच में वहां आकर आत्मसमर्पण करने वाला है। इसी वजह से रात भर पुलिस फिल्म सिटी में विकास दुबे का इंतजार करती रही।
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इसी होटल में विकास दुबे के छिपे होने की मिली थी सूचना
- फोटो : अमर उजाला
उधर शातिर विकास दुबे फरीदाबाद में होटल में ठहरा हुआ था, लेकिन इससे पहले कि पुलिस वहां पहुंचती, वह एक बार फिर उन्हें चकमा देकर फरार हो गया। इधर नोएडा में पुलिस की जांच जारी रही और विकास नाक के नीचे से निकल बुधवार सुबह उज्जैन पहुंच गया।
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गिरफ्तार किया गया विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
वहां भी उसे पुलिस ने नहीं बल्कि महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मी ने पहचाना और तब जाकर पुलिस को सूचना मिली। एक तरफ जगह-जगह विकास की फोटो लगाकर, उसकी इनाम राशी बढ़ाकर तलाश करती रही और दूसरी ओर वह चकमा देकर कानपुर से फरीदाबाद और फरीदाबाद से उज्जैन तक पूरे पुलिस महकमे के नचाता रहा।
फिलहाल पुलिस उसे फ्रीगंज इलाके में स्थित कंट्रोल रूम ले गई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। अब देखना यह है कि पूछताछ और आगे की जांच में विकास दुबे के बारे में क्या नए खुलासे सामने आते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि विकास के पकड़े जाने के बाद पुलिस महकमे के भी कई लोगों का भंडाफोड़ हो सकता है।