बदमाश लगातार बदल रहे थे पॉजिशन
घायल सिपाही ने बताया कि बदमाश लगातार अपनी पॉजिशन को बदल रहे थे। वह कभी इस तरफ तो कभी दूसरी तरफ पहुंच कर फायरिंग कर रहे थे। जिससे उनको टारगेट कर पाना मुश्किल हो रहा था।
टूटे हाथ औैर लहुलुहान होने पर भी चलाई एके 47
जवानों को ट्रेनिंग के दौरान सिखाया जाता है कि सामने दुश्मन से लोहा लेते वक्त शहादत हो जाए, लेकिन, अपना असलाह नहीं छूटना चाहिए। मौत के दरवाजे से लौट कर आए अजय ने भी बहादुरी का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि बदमाशों की एक गोली उनके बाएं हाथ में धंसी थी, जिससे उनका हाथ जख्मी हुआ और टूट भी गया था। इसके अलावा पैर में भी कई गोलियां लगी थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी सरकारी राइफल से बदमाशों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी।