Joy Tirkey
- फोटो : अमर उजाला
डीसीपी डॉ. जॉय टिर्की ने तीन से पांच जनवरी तक की घटनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि जेएनयू में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन चल रहा था। यह रजिस्ट्रेशन छह महीने के लिए होता है और शुल्क 300 रुपये हैं। चार छात्र संगठन एआईएसए, एआईएफएफ, एसएफआई और डीएसएफ रजिस्ट्रेशन का विरोध कर रहे थे। ये छात्र संगठन 28 अक्तूबर, 2018 से विरोध कर रहे हैं। कुछ छात्र रजिस्ट्रेशन करवाना चाहते थे, जबकि ये छात्र संगठन रजिस्ट्रेशन नहीं करने दे रहे थे। तीन जनवरी को दोपहर एक बजे जेएनयू छात्रसंघ के पदाधिकारियों समेत अन्य छात्र सर्वर रूम में घुस गए। उन्होंने सर्वर रूम तोड़ दिया और स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की की। इससे रजिस्ट्रेशन बंद हो गया था। जेएनयू प्रशासन की शिकायत पर वसंतकुंज थाने में एफआईआर (नंबर-3) दर्ज की गई। इनमें आठ छात्रों को आरोपी बनाया गया था। दो घंटे में सर्वर को ठीक कर दिया गया।