दिल्ली पुलिस ने जेएनयू हिंसा मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुये अज्ञात लोगों के खिलाफ दंगा भड़काने व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में सोमवार शाम तक पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली थी। मामले की जांच स्थानीय पुलिस से लेकर अपराध शाखा को सौंप दी गई है। वहीं दूसरी ओर जेएनयू प्रशासन ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पूरे मामले की प्राथमिक रिपोर्ट सौंप दी है।
विज्ञापन
2 of 7
जेएनयू के बाहर पुलिस बल
- फोटो : अमर उजाला
अपराध शाखा की कई टीमों ने सोमवार सुबह जेएनयू पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मौके से कुछ सैंपल भी उठाए। दिल्ली पुलिस ने इस बात से इंकार किया है कि जेएनयू हिंसा में बाहरी व्यक्ति शामिल थे। सोमवार को भी माहौल तनावपूर्ण था और कैंपस के अंदर व बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था।
विज्ञापन
3 of 7
जेएनयू के बाहर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
जिला पुलिस उपायुक्त देवेंद्र आर्या ने बताया कि एफआईआर में किसी को नामजद नहीं किया गया है। वसंत कुंज (नार्थ) थानाध्यक्ष रितुराज की शिकायत पर स्वत: संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि सोमवार देर शाम तक पुलिस को जेएनयू यूनिवर्सिटी समेत किसी पक्ष से कोई शिकायत नहीं मिली थी।
4 of 7
पुलिस से भिड़ी छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
उपायुक्त का कहना है कि रविवार शाम को 4.57 बजे जेएनयू कैंपस में झगड़े की कॉल मिली थी। पुलिस कैंपस में गई थी। पुलिस माहौल को शांत कराकर वापस आ गई थी। पुलिस को कैंपस में सब कुछ सामान्य लगा था। इसके बाद पुलिस को 7.12 बजे दोबारा झगड़े की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस दोबारा वहां गई थी।
विज्ञापन
5 of 7
कार में तोड़फोड़
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद पुलिस ने वहां फ्लैग मार्च कर स्थिति को नियंत्रित किया गया था। उन्होंने बताया कि जेएनयू हिंसा मामले में 34 लोगों की एमएलसी बनी है। हालांकि पुलिस उपायुक्त ने इस बात से साफ इंकार किया है कि जेएनयू कैंपस हिंसा में कोई बाहरी व्यक्ति था। अगर लोग आरोप लगा रहे हैं तो इसकी जांच की जाएगी।
विज्ञापन
6 of 7
जेएनयू के बाहर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नकाबपोश आरोपियों की पहचान की जा रही है। सोमवार शाम तक किसी आरोपी की पहचान नहीं हुई थी और न ही किसी को गिरफ्तार किया गया था। एफएसएल टीम ने मौके से कई नमूने उठाए थे।
पुलिस को सोमवार को 46 कॉल मिली थी
पुलिस उपायुक्त के मुताबिक जेएनयू हिंसा मामले में पुलिस को कुल 46 कॉल मिली थीं। सबसे पहली कॉल मिलने पर पीसीआर वैन कैंपस में गई थी। पुलिस वैन में तैनात पुलिसकर्मियों ने हालात सामान्य बताए थे।