देशद्रोह के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर जेएनयू कैंपस के बाहर काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
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JNU: एंट्री का इंतजार करती रही पुलिस और चुनौती देते रहे छात्र
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जेएनयू में मौजूद देशद्रोह के पांच आरोपियों को लेकर दक्षिण जिला पुलिस देखो और इंतजार करो की नीति पर काम कर रही है।
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दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के जेएनयू पहुंचने की खबर जैसे ही मिली जिले के सभी पुलिस अधिकारी अलर्ट हो गए।
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वसंत कुंज थाने में पहुंच पुलिस अधिकारियों ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया। सोमवार सुबह दक्षिण जिला डीसीपी प्रेमनाथ ने जेएनयू के वीसी से बात की मगर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
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वीसी ने पुलिस के जेएनयू कैंपस में घुसने को लेकर न तो हां की और न ही मना किया। पुलिस अधिकारी इस बात का इंतजार करते रहे कि आरोपी वसंत कुंज थाने में आकर सरेंडर करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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दक्षिण जिला पुलिस के एक अधिकारी ने दबी जवान में बताया कि पुलिस मुखिया के आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि जेएनयू कैंपस के बाहर काफी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया था।
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देर रात रिजर्व फोर्स की दो कंपनियां भी जेएनयू के बाहर तैनात कर दी गई थी। दक्षिण जिला डीसीपी प्रेमनाथ ने पुलिसकर्मी को जेएनयू कैंपस में न जाने की हिदायत सोमवार सुबह ही दे दी थी।
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बताया जा रहा है कि गश्त करने वाले पुलिसकर्मियों को भी कैंपस में न जाने का आदेश दिया गया था।
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सरेंडर करने की अपील दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने जेएनयू कैंपस में मौजूद देशद्रोह के आरोपियों को सरेंडर करने की अपील की है।
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उन्होंने कहा कि अगर छात्रों को गलत गिरफ्तार किया जाता है तब भी जांच में शामिल हों और अपनी बेगुनाही पेश करें। मामले में संविधान का पालन किया जाएगा। कानून के दायरे में धैर्य के साथ पुलिस काम करेगी।