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सीएए के खिलाफ जामिया के छात्रों का प्रदर्शन, लिखा- ऐ रहबर-ए-मुल्क-ओ-कौम बता ये किसका लहू है कौन मरा?

Thu, 02 Jan 2020 07:49 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सड़क पर पेंटिंग - फोटो : ANI
नागरिकता कानून के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। विरोध जताने के लिए अगल-अगल तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। गुरुवार को दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने सड़क पर प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की पेंटिंग बनाकर नागरिकता कानून और एनआरसी का विरोध जाताया।
 
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सड़क पर पेंटिंग - फोटो : ANI
इस दौरान छात्रों ने सड़क पर एक पेंटिंग बनाकर पीएम मोदी के नीचे मुस्लिम बच्चे को दिखाया। इस फोटो के जरिए छात्रों ने बंगाल में हो रहे विरोध को दर्शाया है। नागरिकता कानून आने के बाद छात्रों ने पेंटिंग के जरिए मुस्लिमों को लेकर एक संदेश देने की कोशिश की है। 
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सड़क पर पेंटिंग - फोटो : ANI
नागरिकता कानून के विरोध में छात्रों ने सड़क पर पेंटिंग के जरिए मशहूर शायर साहिर लुधियानवी की एक शेर लिखकर विरोध जताया। शेर कुछ इस तरह है, "ऐ रहबर-ए-मुल्क-ओ-कौम बता ये किसका लहू है कौन मरा?" 

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सड़क पर पेंटिंग - फोटो : ANI
साथ ही छात्रों ने 'नो सीएए, नो एनआरसी' लिखा है। बता दें कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बाहर छात्रों ने ये पेंटिंग बनाई है। 
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- फोटो : अमर उजाला
वहीं, अब नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) और एनआरसी के विरोध में बीते बीस दिनों से प्रदर्शन कर रहे जामिया के विद्यार्थियों ने सत्याग्रह शुरू कर दिया है। रोज आठ से दस जामिया के मौजूदा व पूर्व छात्र भूख हड़ताल पर बैठेंगे। छात्रों का कहना है कि सीएए वापस नहीं लिए जाने तक वे गांधीजी के रास्ते पर चलकर सत्याग्रह जारी रखेंगे। बुधवार को पूर्व सांसद पप्पू यादव, राशिद अल्वी के अलावा आरजे सायमा, संजय राजौरा समेत कई लोग छात्रों के समर्थन में जामिया पहुंचे थे।
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Jamia protest - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान जामिया पहुंचे पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा कि जामिया और शाहीन बाग में चल रहे विरोध प्रदर्शन में महिलाओं को अहम योगदान है। राशिद अल्वी ने कहा कि कांग्रेस लगातार सीएए और एनआरसी का विरोध करती रहेगी। दूसरी ओर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने सीएए और एनआरसी को वापस लेने, हिंसा की निष्पक्ष जांच कराने और प्रदर्शनकारियों को तुरंत छोड़ने की मांग की।  
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