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विरोध की ऐसी तस्वीरें जिन पर पीएम मोदी भी हो सकते हैं शर्मसार

Thu, 17 Mar 2016 10:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्वेलरी पर एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी लगाने के विरोध में बृहस्पतिवार को देशभर के स्वर्णकारों व कारीगरों ने रामलीला मैदान में रैली की।
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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्वैलर्स ने कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी वे काम पर नहीं लौटेंगे।
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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑल इंडिया बुलियन ज्वैलर्स एंड स्वर्णकार एक्शन कमेटी की तरफ से चलो दिल्ली एक्साइज हटाओ यात्रा के नाम से हुई रैली में लोग सुबह ही जुटने लगे थे।

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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
टोपियां पहने व हाथ में बैनर लिए लोग अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। आयोजन कमेटी से जुड़े योगेश सिंघल ने बताया कि रैली की सफलता से साफ हो गया है कि एक्साइज ड्यूटी लगाने का सरकार का कदम गलत है।
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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
केंद्र सरकार इस मसले पर गंभीर नहीं दिख रही है। अभी तक उनकी तरफ से हमें ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
रैली में एकमत से फैसला लिया गया कि हड़ताल जारी रहेगी। बगैर रोल बैक के स्वर्णकार काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
कमेटी से जुड़े प्रवीण गोयल के मुताबिक, व्यवहारिक ढंग से एक्साइज ड्यूटी के दिशा-निर्देश को अमल में लाना संभव नहीं है। इसकी वजह यह है कि आभूषण पंचमेल किस्म का उत्पाद है।
 

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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
इसके लागू होने से स्वर्णकारों पर इंस्पेक्टर राज की मार पड़ेगी। कैट के महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने मांग की कि काले धन की रोकथाम के लिए ज्वेलरी पर ड्यूटी लगाना उचित कदम नहीं है।

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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
इसकी जगह सरकार को एक समग्र नीति बनाने की जरूरत है। काले धन पर रोक लगाने के सरकार के सभी कदमों का व्यापारी समर्थन करेंगे, लेकिन इससे पहले सरकार को एक्साइज ड्यूटी वापस लेनी चाहिए।

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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
दिल्ली के सभी बड़े बाजार ज्वैलर्स के आंदोलन के समर्थन में बंद थे।

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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
करोल बाग, सदर बाजार, नया बाजार, कश्मीरी गेट, कमला नगर, अशोक विहार, शालीमार बाग, पीतमपुरा, रोहिणी सहित उत्तरी दिल्ली के सभी बाजार, राजौरी गार्डन, कीर्ति नगर, मोती नगर, तिलक नगर, उत्तम नगर, जेल रोड, राजा गार्डन सहित पश्चिमी दिल्ली के बाजार, ग्रेटर कैलाश, साउथ एक्सटेंशन, लाजपत नगर, ग्रीन पार्क, सरोजिनी नगर, कालकाजी, तुगलकाबाद, खान मार्केट, विकास मार्ग, प्रीत विहार, शाहदरा, भजनपुरा, दिलशाद गार्डन, मयूर विहार, कृष्णा नगर, गांधी नगर समेत ज्यादातर बाजार ज्वैलर्स के समर्थन में बंद थे।

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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
स्वर्णकारों की रैली में आने का असर सड़कों पर दिखा। रामलीला मैदान से जुड़ी सभी सड़कों पर टोपी पहने व हाथ में बैनर लिए ज्वैलर्स ही दिख रहे थे। इससे वाहनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा। सुबह से ही राजघाट से रामलीला मैदान तक वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। इससे ट्रैफिक पुलिस का ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा।

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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
रैली में शामिल ज्वेलर्स का कहना था कि पिछले 17 दिनों की हड़ताल से करीब 14,000 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ है। इससे सरकार को कस्टम ड्यूटी और वैट के रूप में लगभग 1500 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। भारत हर साल करीब 1000 टन सोने की छड़ों का आयात करता है।
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ज्वैलर्स विरोध - फोटो : अनिल कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
इसे बैंक होलसेलर्स को देते हैं। ज्वेलरी व्यापार देश में प्रति वर्ष लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का होता है जो लगभग 800 करोड़ रुपये प्रति दिन का है। रैली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रधानमंत्री के नाम लिखी चिट्ठी भी पढ़ी गई। इसमें मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग की है। साथ ही भाजपा के उस पुराने स्टैंड की भी याद दिलाई है, जिसमें यूपीए के वक्त लगाई गई एक्साइज ड्यूटी का भाजपा नेताओं ने विरोध किया था।
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