नई दिल्ली में आयोजित जश्न-ए-Rekhta में जहां इतिहासकार ने दिल्ली जो एक शहर था और उर्दू जुबां को धर्म से न जोड़ने पर जोर देते हुए अपने विचार रखे, वहीं प्रख्यात गीतकार और कवि गुलजार ने युवा लेखकों को खुद से संपादन करने के लिए प्रेरित किया।
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irfan habib
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दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिन्दी-उर्दू को धर्म से जोड़ा गया : इरफान हबीब
ये बेहद मुश्किल होगा कि एक समय में अपने एक बच्चे को तीन भाषाओं को पढ़ाया जाए। बहुत ताज्जुब है कि अतीत में धर्म का हिंदी और उर्दू से कोई लेना-देना नहीं होता। ये बातें जश्न-ए-Rekhta शनिवार को इतिहासकार इरफान हबीब ने भाषाओं के बारे में कही। कहा कि दोनों जुबानों को धर्म से जोड़ दिया गया है जबकि फारसी और संस्कृत में ऐसा नहीं है।
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irfan habib
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राजा क्रिस्टोफर ने एक सर्वेक्षण किया जिसमें ये सच सामने आया कि 1879 में उर्दू अखबारों की सर्कुलेशन हिंदी अखबारों की तुलना में आठ गुना ज्यादा थी। उस दौर के हिंदूओं, मुसलमानों और पंजाबियों को उर्दू अच्छी तरह से आती थी लेकिन धर्म को इससे क्या करना है। उन्होंने कहा कि, एक बात और महत्वपूर्ण है कि हिन्दी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारी राष्ट्रीय भाषा है। अंग्रेजी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योकि इस भाषा के बिना नौकरी मिलना मुश्किल है। हबीब ने कहा कि हिंदी और उर्दू में अनोखी समानता है। उन्होंने भाषाओं के इंटरमिक्स होना और उसकी सामग्री पर चिंता जताई।
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JASHN E REKHTA, guljar
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अपने आलोचक खुद बने आज के युवा लेखक : गुलजार
उर्दू महोत्सव जश्न-ए-Rekhta में शिरकत करने आए गुलजार ने युवा लेखकों को अपने खुद के समीक्षक और आलोचक बनने को प्रेरित किया। उन्होंने मिर्जा गालिब की तरह अपने ही संपादन में लगातार संपादन करने की सलाह दी। 'हम सूरतगार कुछ ख्वाब के' विषयक सत्र में संबोधित करते हुए पुरस्कार विजेता गीतकार-कवि, गुलजार ने कहा कि यह जरूरी हो गया है, युवा कवियों को 'स्व-मूल्यांकन और आत्म संपादित करें "।
दरअसल गालिब को इस बात से खासा जाना जाता है, जब वह खुद अपनी कविताओं का संपादन करते थे। और अक्सर जो काम पसंद नहीं आता था उसे अस्वीकार कर देते थे। इससे अपनी कमियों का पता चलता है। गुलजार के अनुसार, जो काम मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं, उन्हें अस्वीकार करना सीखें।प्रसिद्ध उर्दू और हिंदी पटकथा लेखक जावेद सिद्दीकी के साथ बातचीत में, गुलजार ने मीर तकी मीर और फैज अहमद फैज जैसे उर्दू शायरी के अग्रदूतों की प्रासंगिकता के बारे में बात की।