ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में कोविड-19 के मरीज तरह-तरह की मांग कर रहे हैं। कोई कोल्ड ड्रिंक तो कोई ब्रांडेड मिनरल वाटर मांग रहा है। यही नहीं, इलाज में भी मरीज अपने हिसाब से दवाइयां चलाने की मांग डॉक्टरों से कर रहे हैं। हालांकि, मरीजों की मांग पूरी नहीं की जा रही है, लेकिन मरीजों की तरह-तरह की मांग से आइसोलेशन वार्ड का मेडिकल स्टाफ परेशान है। वार्ड में डॉक्टर और नर्स मरीजों को खानपान के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
आइसोलेशन वार्ड
- फोटो : अमर उजाला
शारदा अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में अभी तक 578 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 419 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। आइसोलेशन वार्ड के मेडिकल स्टाफ का कहना है कि वार्ड में मरीज अजीब-अजीब तरह की मांग करते हैं। दादरी क्षेत्र के एक गांव और नोएडा के एक सेक्टर के मरीज ने इलाज के दौरान कोल्ड ड्रिंक की मांग की थी।
विज्ञापन
3 of 5
कोरोना वायरस
- फोटो : पीटीआई
वार्ड में तैनात मेडिकल स्टाफ ने इसकी जानकारी व्हॉट्सऐप ग्रुप पर उच्च अधिकारियों को दी। दोनों मरीजों को कोल्ड ड्रिंक नहीं दी गई। वहीं, एक मरीज ने मिनरल वाटर मांगा। मेडिकल स्टाफ ने मिनरल वाटर उपलब्ध कराया, लेकिन मरीज ने उसे लेने से इंकार कर दिया और एक खास ब्रांड का मिनरल वाटर देने की जिद पर अड़ गया।
4 of 5
कोरोना मरीज को लेकर जाते स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : PTI
इसी तरह नोएडा सेक्टर-19 से आए एक मरीज ने अपने मोबाइल का चार्जर मांगा, लेकिन वहां किसी के पास चार्जर नहीं था। डॉक्टरों ने बताया कि मांग पूरी नहीं होने पर मरीज नाराजगी जाहिर करते हैं। आइसोलेशन वार्ड में मरीज अपने परिचितों से फोन पर बात करते हैं। वहां से जानकारी मिलने पर मरीज इलाज में दवाइयां बदलने की मांग करते हैं। कुछ मरीज खांसी की दवाई भी अपनी मर्जी से चलाने का दबाव मेडिकल स्टाफ पर डालते हैं।
कोरोना मरीज की जांच करते डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
चिकित्सकों का कहना है कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देश पर ही इलाज किया जाता है। उसके अलावा अन्य दवाई नहीं दी जा सकती है। इलाज और सुविधाओं के प्रति कोविड-19 मरीजों को जागरूक करना पड़ता है। ताकि, वो अजीब तरह की मांग नहीं करें।