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इंतजार की घड़ियां खत्म, कुछ ही देर में शुरू होने वाला है अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला

Wed, 01 Feb 2017 10:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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- फोटो : अमर उजाला
31वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले की शुरुआत बुधवार से हो जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल सुबह 11:30 बजे पर्यटन सत्कार तथा शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, झारखंड के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अमर कुमार बौरी तथा भारत में मिश्र के राजदूत हातेम तगेल्डिन की मौजूदगी में मेले का उद्घाटन करेंगे।

इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देश विदेश के शिल्पकार भी मेले में पहुंचकर अपने अपने स्टॉल को सजाने में जुट गए हैं। मेला परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतताम किए गए हैं। मेला सुबह 10:30 बजे से शाम 8:30 बजे तक खुला रहेगा। 

सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बीएस कुंडू ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि हर वर्ष लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने के साथ-साथ इस मेले ने भारत की कला एवं शिल्प परंपराओं की विरासत को पुनर्जीवित करने में मदद की है।
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- फोटो : अमर उजाला
इस वर्ष पर्यटकों एवं प्रतिभागियों की सुविधा के लिए अनेक नई पहल की गई हैं। मेले के लिए बुक माई शो के माध्यम से ऑनलाइन टिकट ली जा सकती हैं। दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर भी मेले की टिकटें उपलब्ध करवाई गई हैं। विभिन्न स्थानों से सूरजकुंड के लिए विशेष बसें उपलब्ध हैं।

आस-पास के क्षेत्रों से मेला स्थल तक नि:शुल्क फेरी सेवा तथा कई जन सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं। इस वर्ष मेले में यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण एशिया से 20 से अधिक देश भाग ले रहे हैं।
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​जिंबाब्वे, तन्जानिया, ट्यूनीशिया, मंगोलिया और दक्षिण अफ्रीका पहली बार मेले में भाग ले रहे हैं। मेला प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक समीर पाल सरो ने बताया कि मेले में श्रीलंका, नेपाल, अफगानिस्तान, थाईलैंड, किर्गिस्तान, लेबनॉन और ट्यूनीशिया के शिल्पकार हिस्सा लेकर मेले की शोभा बढ़ाएंगे।

 

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थीम स्टेट झारखंड पर्यटन विभाग के सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि मेले में झारखंड प्रभावी ढंग से अपनी अनूठी संस्कृति एवं समृद्ध विरासत को प्रदर्शित कर रहा है। झारखंड ने मेले में मुख्य चौपाल के निकट मलूटी मंदिर द्वार का एक स्थाई ढांचा बनाया है।

यह मंदिर वहां के सन्थाल परगना क्षेत्र में स्थित है। झारखंड से लगभग 300 कलाकार छाऊ, खैरा, करसा, पायका जैसी प्रसिद्ध लोक कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। 

 
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मेले में होगा भरपूर मनोरंजन

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मेले में आने वाले दर्शकों के लिए मिश्र, तंजानिया, जिंबाब्वे, सेशेल्स, ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान से आए अंतर्राष्ट्रीय लोक कलाकारों द्वारा मुख्य चौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इसके  अलावा हरियाणवी, पंजाब पुलिस द्वारा भांगड़ा व गिद्दा, मध्य प्रदेश के कलाकारों द्वारा बधाई, उत्तर प्रदेश के कलाकार बृज की होली ओर मयूर नृत्य, गुजरात के कलाकार राठवा, उत्तराखंड के कलाकार चपेनी और झारखंड के कलाकार पायका नृत्य प्रस्तुत करेंगे।

मेला पखवाड़े के दौरान शाम के वक्त भी चौपाल सजेगी। जिसमें दर्शक अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे। ये कार्यक्रम प्रतिदिन शाम छह बजे के बाद चौपाल पर आयोजित होंगे। 
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यहां से मिलेगी विशेष बस सेवाएं  

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- फोटो : अमर उजाला
मेला पखवाड़े के दौरान आईएसबीटी दिल्ली, शिवाजी स्टेडियम गुरुग्राम और फरीदाबाद से सूरजकुंड आने-जाने के लिए विशेष बस सेवाएं उपलब्ध हैं। विशेष मेला एक्सप्रेस बसें हरियाणा के दूर दराज के क्षेत्रों को सूरजकुंड से जोड़ने का काम करेंगी। इसके अतिरिक्त बल्लभगढ़ से तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन वाया सूरजकुंड और तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन से बल्लभगढ़ वाया सूरजकुंड, बदरपुर मेट्रो स्टेशन से सूरजकुंड तथा वापसी के लिए 30 मिनट के अंतराल पर बस सेवा उपलब्ध होगी। केन्द्रीय सचिवालय से बदरपुर वाया सरिता विहार एवं मोहन एस्टेट के लिए मेट्रो सेवाएं भी उपलब्ध हैं। 
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दर्शकों की सुविधा के लिए ओला कैब

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मोबाइल एप ओला ने इस  साल सूरजकुंड मेले में अपनी सुविधा देने का निर्णय लिया है। ओला इस साल मेले का मोबिलिटी पार्टनर होगा। मेले में सभी प्रवेश द्वार पर ओला के कियोस्क स्थापित होंगे। दर्शक इन कियोस्क के माध्यम से पिक-अप प्वाइंट्स से अपने लिए ओला कैब बुक कर सकते हैं। ओला की तरफ से ऑटो, कैब और शटल की व्यवस्था भी की गई है।

मोबिक्वकि से खरीदारी पर मिलेगी छूट

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मोबिक्विक की सह-संस्थापक उपासना टाकू ने बताया कि देश की जनता कैशलेस भुगतान को अपना रही है। कंपनी विशेष रूप से इस मेले के करीब 1200 स्टॉल पर मोबाइल आधारित कैशलेस लेनदेन की सुविधा देगी। ग्राहकों व शिल्पकारों को मोबिक्विक की ओर से आकर्षक छूट भी मिलेगी। इसके साथ ही मेले में ग्राहकों व शिल्पकारों को कंपनी की तरफ से डिजिटल भुगतान के टिप्स भी दिए जाएंगे। बाकायदा, कंपनी मुफ्त वाईफाई भी इसके लिए उपलब्ध कराने जा रही है।

 
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मेले की ये हैं विशेषता

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-मेला प्रवेश टिकट बुक माई शो पर ऑनलाइन बुक करवाई जा सकती हैं। 
-पर्यटकों की सुविधा के लिए द्वारों पर ऑफलाइन टिकट बिक्री की भी सुविधा
-मेला मैदान में ऑफलाइन टिकट काऊंटर भी बढ़ाए गए 
-100 पीओएस मशीनें, दो एटीएम के साथ एक डेडिकेटिड बैंक ब्रांच तथा 6 मोबाइल एटीएम वैन उपलब्ध होंगे। 
-पर्यटकों के लिए कैशलैस ट्रांजेक्शन को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से कैशलैस वॉलेट पार्टनर के रूप में मोबिक्वकि की सुविधा 
-भारत संचार निगम के माध्यम से मेला में वाई फाई सुविधा 
-प्रदेश के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों और कॉलेजों की छात्राओं को कार्य दिवस के दौरान नि:शुल्क प्रवेश 
-विभिन्न रूप से सक्षम लोगों, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, सेवारत सैनिकों तथा युद्घ विधवाओं और उनके आश्रितों को प्रवेश टिकट पर 50 प्रतिशत की छूट 
-वैध पहचान पत्र दिखाने पर कॉलेज विद्यार्थियों को कार्य दिवसों में प्रवेश टिकटों पर 50 प्रतिशत की छूट 
-मनोरंजन के लिए झूलों एवं राइड्स के साथ एक विशेष मनोरंजन क्षेत्र बनाया गया है। 
-स्कूली बच्चों के लिए पेटिंग, पंतगबाजी, फेस पेटिंग, लोक नृत्य, फोटाग्राफी जैसी कई प्रतियोगिताएं 
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