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एसआईआर पर सियासी संग्राम: सड़क पर उतरा इंडिया गठबंधन, राहुल बोले- सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही; तस्वीरें

Mon, 12 Oct 2026 09:34 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राहुल गांधी ने एसआईआर और कथित वोट चोरी को लेकर केंद्र सरकार व निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह किसी एक पार्टी की लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का सवाल है। राहुल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए आरोप लगाया कि सरकार उन्हें बचा रही है। 
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इंडिया गठबंधन का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च - फोटो : जी पाल
राजधानी की सड़कों पर सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ इंडिया गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने कनॉट प्लेस स्थित बाराखंभा रोड से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार व निर्वाचन आयोग के खिलाफ आवाज उठाई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत विभिन्न विपक्षी दलों के नेता मार्च में शामिल हुए। पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से पहले भगवान दास रोड पर मार्च रोक दिया।
 
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कांग्रेस समर्थक - फोटो : जी पाल
एक बजे से ही पहुंचने लगे समर्थक
मार्च का समय दोपहर डेढ़ बजे निर्धारित था, लेकिन कार्यकर्ताओं का पहुंचना एक बजे से ही शुरू हो गया। अलग-अलग दलों के कार्यकर्ता अपने समूहों में जुटने लगे और नारेबाजी के साथ माहौल बनाने लगे। दोपहर बढ़ने के साथ भीड़ भी बढ़ती गई। तीन बजे तक बाराखंबा रोड कनॉट प्लेस से मंडी हाउस तक इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं से भर गया। नेताओं के पहुंचने से पहले ही सड़क पर विरोध प्रदर्शन का माहौल बन चुका था।
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बस में सवार इंडिया गठबंधन के नेता - फोटो : जी पाल
बस में सवार होकर किया सुप्रीम कोर्ट का रुख
करीब साढ़े तीन बजे पांच बसों में गठबंधन के नेता पहुंचे। कुछ नेता बसों से उतरकर पैदल मार्च में शामिल हुए, जबकि अन्य नेता बसों के जरिए आगे बढ़े। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के पैदल चलने के साथ ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उनके साथ हो लिए। नारेबाजी के बीच काफिला सुप्रीम कोर्ट की दिशा में आगे बढ़ने लगा। बाराखंबा रोड से शुरू हुआ मार्च मंडी हाउस होते हुए भगवान दास रोड पहुंचा। 

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टेंपो पर चढ़े राहुल - फोटो : जी पाल
टेंपों पर चढ़े राहुल-अखिलेश और प्रियंका 
नेताओं और कार्यकर्ताओं की निगाह सुप्रीम कोर्ट की ओर थी, लेकिन अदालत से पहले पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता रोक रखा था। आगे बढ़ने का रास्ता बंद मिलने के बाद गठबंधन ने वहीं मार्च समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद विरोध का स्वरूप बदल गया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता टेंपो पर चढ़ गए। वहीं से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और एसआईआर के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा। इस दौरान नारेबाजी भी होती रही। नेता करीब डेढ़ घंटे तक मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई।
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राहुल ने किया सरकार पर हमला - फोटो : अमर उजाला
'सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही'
इस मौके पर राहुल गांधी ने एसआईआर और कथित वोट चोरी को लेकर केंद्र सरकार व निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह किसी एक पार्टी की लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का सवाल है। राहुल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए आरोप लगाया कि सरकार उन्हें बचा रही है। राहुल गांधी ने लोगों से इस संघर्ष में साथ आने की अपील की। उनका कहना था कि मतदाता सूची की निष्पक्षता पर सवाल उठने पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव - फोटो : जी पाल
अखिलेश बोले- एसआईआर में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर फर्जी वोटों से जुड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। अखिलेश के अनुसार, कुछ स्थानों पर एक ही व्यक्ति के नाम पर कई वोट दर्ज होने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने ऐसे मामलों की पहचान की है और संबंधित जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। अखिलेश ने एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची तैयार करने में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए मतदाता सूची को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
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