ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व जीएम रविंद्र तोंगड़ के ग्रेटर नोएडा, शामली, दादरी व देहरादून समेत कई ठिकानों पर आयकर का छापा लंबी पड़ताल के बाद पड़ा है। छापे के दौरान टीम ने 2012 से अब तक की आमदनी व संपत्ति का ब्योरा खंगाला। आईटी अधिकारियों ने प्रॉपर्टी के कागजात समेत घर में मौजूद कीमती सामान की भी लिस्ट बनाई है। मौके पर ही अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से सवाल भी किए। बताते हैं कि आयकर चोरी का मामला हुआ, तो विभाग ही देखेगा। पैसे के लेन-देन या अन्य मामला होने पर विभाग किसी दूसरी जांच एजेंसी से भी जांच करने के लिए कह सकता है।
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रविंद्र तोंगड़ का स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
सूत्र बताते हैं कि 2012 में आयकर का छापा पड़ा था तो उसमें प्राधिकरण में तैनाती के दौरान आमदनी का पूरा ब्योरा खंगाला गया था। 2012 के बाद हुए लेनदेन की पड़ताल के बाद अब यह कार्रवाई की गई है। आयकर टीम दिल्ली की होने की जानकारी मिली है। जिन गाड़ियों से टीम पहुंची, उनके नंबर भी दिल्ली के ही दिखे। हालांकि अधिकारियों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
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केंद्रीय मंत्री के साथ रविंद्र तोंगड़
- फोटो : अमर उजाला
आयकर विभाग की टीम अमूमन सुबह 7-8 बजे के आसपास छापेमारी करती है, लेकिन तड़के 4 बजे छापे के पीछे माना जा रहा है कि विभाग को किसी बड़ी डील की सूचना मिली होगी। सूत्र बताते हैं कि तड़के जब टीम पहुंची, तब सभी घर में थे। अंदर जाते ही सभी के मोबाइल ले लिए गए। किसी को कहीं फोन नहीं करने दिया गया। परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ बिठा दिया गया।
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रविंद्र तोंगड़ के घर के बाहर आते आयकर विभाग के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
छापेमारी में प्रॉपर्टी के तमाम कागजात व बैंक रिकॉर्ड खंगाले गए। नकदी व ज्वेलरी की भी पड़ताल की गई। सूत्र बताते हैं कि नोटबंदी के दौरान बड़ा लेनदेन भी इसकी वजह हो सकता है। बता दें कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्त होने के बाद रविंद्र तोंगड़ रियल एस्टेट से जुड़ गए। उनकी कई जगह व्यावसायिक संपत्तियां व दफ्तर होने की भी सूचना है।
रविंद्र तोंगड़ के घर के बाहर खड़ी आयकर विभाग की गाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में किसानों से जमीन उद्योग लगाने के लिए ली गई थी। बाद में उसका लैंडयूज बदलकर बिल्डरों को आवंटित कर दी गई। इस गड़बड़ी की शिकायत पहले प्रदेश के राज्यपाल से की गई थी। राज्यपाल के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने इसकी जांच कराई। तत्कालीन ओएसडी विभा चहल ने जांच में गड़बड़ी मिलने पर 26-27 अफसरों के खिलाफ चार्जशीट तैयार की। उसमें रविंद्र तोंगड़ भी आरोपी हैं। सभी से जवाब लेकर शासन को भेज दिया गया है। शासन में कार्रवाई लंबित है।