pradyuman thakur
- फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
मालूम हो कि बोर्ड ने पहले ही जमानत याचिका खारिज कर दी थी और इस केस की देखरेख के लिए एक पैनल का भी गठन किया था। बता दें कि बाल न्याय कानून के तहत जो भी आरोपी 16 से 18 साल का होगा उसने हत्या, चोरी, जैसे अपराध किए हैं उसे सात साल की जेल हो सकती है।