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प्रद्युम्न हत्याकांड : आरोपी छात्र की जमानत पर फैसला सोमवार को, वकील ने लगाए सीबीआई पर ये आरोप

Sun, 07 Jan 2018 10:11 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, गुरुग्राम
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ryan international - फोटो : सुदर्शन झा
प्रद्युम्न हत्याकांड के हत्यारोपी 16 वर्षीय छात्र की गुडग़ाव के अदालत म जमानत याचिका के फैसले के लिए 8 जनवरी को पेशी होनी है। न्यायाधीश जसबीर सिंह कुंडू ने आरोपी, सीबीआई और शिकायतकर्ता के वकिलों की दलीले सुनीं और जमानत पर फैसले को सुरक्षित रख लिया है।
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ryan international - फोटो : सुदर्शन झा
बता दें कि आरोपी छात्र के वकिल ने कहा कि उनको बाल न्याय कानून के तहत चार्जशीट और जरूरी कागजात एक माह में मिलने थे जो कि सीबीआई ने नहीं दिए।
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pradyuman thakur - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
कोर्ट ने यह कहा कि आरोपी छात्र जब तक २१ साल का नही हो जाता वह अपने घर में ही रहेगा। जब वह २१ वर्ष का हो जाएगा तब कोर्ट इस बात पर चर्चा करेगा कि आरोपी छात्र को जेल भेजा जाए या जमानत दी जाए।

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pradyuman thakur - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
आरोपी छात्र के वकील ने आरोप लगाया था कि सीबीआई ने आरोपी पक्ष को जरूरी कागजात नही दिए, इसके खिलाफ सीबीआई ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पहले ही सारे दस्तावेज दिए जा चुके हैं और आरोपी पक्ष की ओर सेे कोई जरूरी दस्तावेज नही मंगे गए थे और न ही कोर्ट ने कोई डायरेक्शन पास किया था। 
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pradyuman thakur - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि गुडग़ांव पुलिस ने पहले हीे कहा था कि कंडक्टर अशोक ही मुख्य आरोपी है मगर बाद में एजेंसी ने आरोपी छात्र को हत्या का दोषी करार दिया और इस हत्या के पीछे का कारण यह बताया कि आरोपी छात्र पेरेंट्स मीटिंग और स्कूल की परीक्षा रोकना चाहता था इसलिए उसने यह हत्या की। 
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pradyuman thakur - फोटो : अमर उजाला
वरुण ठाकुर के वकील सुशील टेकरीवाल ने कहा, जमानत याचिका अभी प्रीमचोयर स्टेज में है और केस पूरा हो चुका है। बाल न्याय बोर्ड ने २० दिसंबर को आरोपी छात्र को बालिक करार दिया जिसके पूर्व ही अदालत ने यह घोषित कर दिया था कि छात्र ने प्रद्युम्न की हत्या अपने पूरे होशोअवाज में की थी। 
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pradyuman thakur - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
कोर्ट ने आगे कहा कि जब तक आरोपी छात्र २१ साल का नहीं हो जाता तबतक वह अपने घर में रह सकता है और २१ साल पूरे होने पर कोर्ट इस पर फैसला करेगी कि उसे जेल भेजा जाए या जमानत दी जाए।
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pradyuman thakur - फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
मालूम हो कि बोर्ड ने पहले ही जमानत याचिका खारिज कर दी थी और इस केस की देखरेख के लिए एक पैनल का भी गठन किया था। बता दें कि बाल न्याय कानून के तहत जो भी आरोपी 16 से 18 साल का होगा उसने हत्या, चोरी, जैसे अपराध किए हैं उसे सात साल की जेल हो सकती है।
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