आरुषी हत्याकांड के आरोपी रहे आरुषी के माता - पिता जेल से रिहा हो चुके हैं। लेकिन जेल की स्मृतियां अभी भी उनके जेहन में ताजा हैं। एक विडियो स्ट्रीमिग ऐप हॉटस्टार को दिये इंटरव्यू में तलवार दंपति ने कहा कि अपने बच्चे को खोना एक असहनीय पीड़ा है। जिससे जिंदगी भर निकलना मुश्किल है। जेल के शुरूआती दो साल बेहद कठिन थे। जिसके बाद जेल में मिली कुछ बच्चियों और एक दोस्त की सलाह से उन्हें जेल में रहने में मदद मिली।
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आरुषी की मां नूपुर तलवार ने कहा कि इस हादसे ने जीवन में एक बड़ा परिवर्तन लाया। हमें पता चला की जीवन क्या है। आरुषी के पिता राजेश तलवार ने कहा कि सिस्टम कैसा है यह सबके सामने है। इसमें बदलाव जरूरी है। बाकी का जीवन वो आरुषी की यादों में बिताना चाहते हैं।
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राजेश तलवार ने बताया कि 2 साल जेल में रहने के बाद उन्हें एक दोस्त मिला । जिसने उन्हें लोगों से बात करने , उनकी मदद करने की सलाह दी। जिसके बाद उन्हें जेल में दंत चिकित्सक के तौर पर लोगों की मदद करने का विचार आया। जिसके लिये जेल अथॉरिटी से मदद मांगने पर वह भी सहयोग करने को तैयार हो गये। जेल के आखिरी दो सालों में तलवार दंपति लोगों से बात करते थे, उन्हें दांतों की समस्या से लड़ने में मदद करते थे।
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नूपुर तलवार ने कहा कि जेल के अंदर कई लड़कियों से मुलाकात हुई। उनमें से एक लड़की को देखकर आरुषी की यादें ताजा हो जाती थी। वह नुपुर के पास के बेड पर सोती उनसे बातें करती थी। नुपुर के अनुसार उस लड़की की वजह से जेल में समय बिताने में बेहद मदद मिली।
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हेमराज के बारे में सवाल पूछे जाने पर राजेश तलवार ने कहा कि उन्हें हेमराज से हमदर्दी है। यदि उसके परिवार को उनसे कोई मदद चाहिये तो वह मदद के लिये तैयार हैं, इससे ज्यादा वह उसके बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं।
तलवार दंपति के अनुसार अदालत का आदेश आने के बाद कई लोगों के विचार बदले हैं, अब लोग उनसे सहानुभूति रखते हैं। जेल से रिहा होने के बाद जब वह गोल्डन टेंपल पहुंचे तो लोगों ने उनसे सहानुभूति जतायी। मंदिर के एक सेवादार ने उन्हें दर्शन में मदद दी। उस दिन बेहद भीड़ थी, लेकिन उन्हें लाइन में देर तक खडे़ नहीं रहना पड़ा। राजेश तलवार के अनुसार ईश्वर सबसे बड़ा जज है और वह अब जिधर ले जाये उस दिशा में उनका जीवन जायेगा।