फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दंगों के पीड़ितों को सता रही मुआवजे के लिए पहचान साबित करने की चिंता, जल गए जरूरी कागजात

Tue, 03 Mar 2020 01:37 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
delhi violence - फोटो : अमर उजाला
उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगाइयों ने कई घरों को तोड़फोड़ कर आग के हवाले कर दिया। इनमें रहने वाले काफी लोग ऐसे हैं, जिनके कागजात आग में राख हो गए। अब इनके पास न तो रहने के लिए घर है और न ही मुआवजे के लिए जरूरी दस्तावेज। 
 
विज्ञापन

2 of 5
delhi violence - फोटो : अमर उजाला
इन दर्जनों परिवारों को अब चिंता सता रही है कि सरकार की ओर से मिलने वाला मुआवजा जरूरी कागजात के बगैर उन्हें कैसे मिलेगा। उन्होंने दिल्ली सरकार से मुआवजे की प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग की है।
विज्ञापन

3 of 5
हिंसाग्रस्त इलाका - फोटो : अमर उजाला
मुस्तफाबाद के अल हिंद अस्पताल में रह रहे कई परिवार इस दर्द से जूझ रहे हैं। इमरान ने बताया कि उपद्रवियों ने शिव विहार स्थित उनके घर को नुकसान पहुंचा। उन्होंने घर में वोटर कार्ड और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज भी जला दिए। दिल्ली सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा के बावजूद दस्तावेज न होने की वजह से उनके जैसे कई परिवारों के सदस्य संशय में हैं कि क्लेम के लिए आवेदन कैसे करें। 

4 of 5
दिल्ली हिंसा की पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
एक महिला ने बताया कि पिछले मंगलवार को उपद्रवियों ने उन पर हमला किया था। वे किसी तरह किराये के घर से अपनी तीन बेटियों के साथ निकलीं। इस दौरान घर में रखे सभी जरूरी दस्तावेज आग में जला दिए गए। छात्र मो. यासीन की दास्तां भी कुछ ऐसी ही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
delhi violence - फोटो : पीटीआई
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले हफ्ते उपद्रव के दौरान जान गंवाने वालों के परिवारों को 10 लाख और जलाए गए घरों के मालिकों को 2.5 लाख रुपये का तात्कालिक मुआवजा देने की घोषणा की थी। उन्होंने उपद्रव के दौरान जलाई गई किताबें और यूनिफॉर्म दोबारा निशुल्क मुहैया कराने का भी भरोसा दिया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें