पुलिस की सरपस्ती में एक वर्ष से अवैध फैक्टरी चलते रही लेकिन स्थानीय स्तर पर तहसील प्रशासन पूरे मामले से बेखबर रहा। बीते वर्ष दीपावली पर प्रशासन की तरफ से एनजीटी के सख्त रुख को देखते हुए पूरे जिले में अभियान चलवाया गया। लोनी से भारी मात्रा में पटाखे व ज्वलनशील सामग्री भी जब्त की गई लेकिन लोनी तहसील की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि अब पता चल रहा है कि फैक्टरी बीते एक वर्ष से संचालित थी यानी कि जांच अभियान के वक्त फैक्टरी संचालित थी। अब सवाल यह भी खड़ा होता है कि पुलिस की सरपरस्ती में यह सब चल रहा था तो स्थानीय स्तर पर तहसील प्रशासन के अधिकारी क्यों नहीं पकड़ पाए।