एक ओर जहां दादरी हत्याकांड को बिहार के चुनाव में गोहत्या और उससे जुड़ी राजनीति के तौर पर देखा जा रहा है वहीं बिहार के ही गया में इकलाख का मंगलवार को पिंडदान किया गया।
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गया में हुआ इकलाख का पिंडदान, एक हिंदू ने पूरे किए कर्मकांड
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ये पिंडदान गया के स्थानीय व्यापारी और समाजसेवी चंदन कुमार सिंह ने किया। चंदन कहा कि इकलाख का पिंडदान करने का निश्चय उसकी दर्दनाक मौत की कहानी सुनने के बाद किया। चंदन को इस बाद का बेहद अफसोस है कि किस तरह मात्र एक अफवाह के बाद इकलाख की हत्या उसके अपने ही पड़ोसियों ने कर दी। इसके साथ ही चंदन को दुख है कि इस हत्या की आलोचना करने के बजाय कुछ लोग इसका राजनीतिकरण कर रहे हैं।
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गया में हुआ इकलाख का पिंडदान, एक हिंदू ने पूरे किए कर्मकांड
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चंदन ने बताया कि अंजान लोगों का पिंडदान करने की प्रथा उनके पिता सुरेश नारायण ने शुरू की थी। वो न सिर्फ अपने समुदाय के बल्कि अन्य समुदाय के लोग जो प्राकृतिक मृ्त्यु को प्राप्त हुए हों या जो मानव-जनित आपदा में मरे हों उनका भी पिंडदान करते थे।
गया में हुआ इकलाख का पिंडदान, एक हिंदू ने पूरे किए कर्मकांड
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चंदन ने बताया कि वो अपने पिता के इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इकलाख की मौत के बारे में जानने के बाद चंदन ने राघवाचार्यजी महाराज से बात की और वो तैयार हो गए कि इस काम से समाज में एक अच्छा संदेश जाएगा।
गया में हुआ इकलाख का पिंडदान, एक हिंदू ने पूरे किए कर्मकांड
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स्वामी राघवाचार्य जी महाराज रामानुज गणित के अध्यक्ष होने के साथ ही विष्णुपद मंदिर के जाने-माने पुजारी हैं। राघवाचार्य जी महाराज ने बताया कि इस पिंडदान से हम ये संदेश देना चाहते हैं कि जिन लोगों ने गोमांस खाने की अफवाह फैलाकर इकलाख को मारा उन्होंने जघन्य अपराध किया है। हमारा धर्म हमें ये नहीं सिखाता। ये मानवता के खिलाफ है।