गर्मी अपने शबाब पर है। पारा 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर रहा है। तेज गर्म हवाएं लोगों को लू (हीट स्ट्रोक) का शिकार बना रही है। शहर के सिविल अस्पताल से लेकर निजी अस्पताल व नर्सिंग होम में इसके मरीज सामने आ रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
इसमें सबसे ज्यादा शिकार बच्चे हो रहे हैं। सिविल लाइन के नागरिक अस्पताल के शिशु वार्ड में कई बच्चों को इसी वजह से एडमिट किया गया है। नागरिक अस्पताल में करीब हर दिन 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
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- फोटो : amar ujala
स्कूल खुले होने और देर शाम तक लू चलने की वजह से बच्चे और काम से बाहर निकलने वाले लोग आसानी से चपेट में आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल के ओपीडी में आने वाले करीब 10 फीसदी मरीज लू के आ रहे हैं।
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वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रदीप शर्मा कहते हैं कि तापमान बढ़ने के साथ ही मरीजों में इजाफा होना लाजिमी है। शरीर में निर्जलीकरण, थाईरायड में असंतुलन होना, शरीर में रक्त शर्करा में कमी आना प्रमुख है।
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- फोटो : File Photo
डॉक्टरों के मुताबिक लू की चपेट में आने से शरीर में प्राकृतिक रूप से पसीने के रूप निकलने वाली गर्मी की प्रक्रिया बाधित हो जाती है। जिससे शरीर का तापमान बढ़ता चला जाता है। यदि शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं किया गया तो मरीज की जान तक चली जाती है। तापमान 102 डिग्री फैरनहाइट से अधिक जाने पर यह जानलेवा हो जाता है।
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- फोटो : Amar Ujala
लक्षण:
तेज धूप और गर्मी में चक्कर आने लगना, उल्टी होना, रक्तचाप एकाएक कम हो जाना, तेज बुखार होना
क्या बरते सावधानी
-तेज धूप से बचे, शरीर में पानी की कमी न होने दे
-नारियल पानी, गन्ने का रस, छाछ, आम का पना बचाव करता है
-इलेक्ट्रोलाइट नमक-पानी एवं कई खनिजों का मिश्रण पीए
-हल्के और कॉटन के कपड़े पहनें
-बाहर निकलते वक्त पानी साथ लेकर चलें
-हल्का खाना खाएं और खाली पेट धूप में न निकलें
-बाहर के खाने से परहेज करें
-खुले में मिलने वाला जूस न पिएं