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दस साल छोटी लड़की को दिल दे बैठे थे इंदिरा गांधी के छोटे बेटे, आज तक नहीं खुला मौत का रहस्य

Sat, 24 Jun 2017 09:34 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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sanjay gandhi - फोटो : सोशल मीड‌िया
इतिहास में संजय गांधी को भले ही एक सख्त मिजाज का नेता माना जाता हो लेकिन उनकी लव स्टोरी उनके मिजाज से बिल्कुल अलग और बेहद फिल्मी है। कहते हैं एक विज्ञापन में उन्होंने अपने से 10 साल छोटी मेनका को देखा और देखते ही दिल दे बैठे। आज संजय गांधी की पुण्यतिथि है। 23 जून, 1980 को एक प्लेन क्रैश में उनकी मौत हो गई थी जो आज भी एक रहस्य है। संजय की पुण्यतिथि पर हम उनकी लव स्टोरी के साथ ही उनके जीवन के बारे में कई खास बातें आपके लिए लेकर आए हैं।
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sanjay gandhi - फोटो : सोशल मीड‌िया
वो पहली नजर का प्यार...
कभी मॉडल रहीं मेनका से संजय गांधी को पहली नजर वाला प्यार हुआ था। बता दें कि 17 साल की छोटी उम्र में ही मेनका को मॉडलिंग में ब्रेक मिला था। एक विज्ञापन के लिए मेनका ने शूटिंग की थी और उसी विज्ञापन में देखकर संजय उन्हें अपना दिल दे बैठे थे। मेनका की कजिन वीनू कपूर की शादी की पार्टी 1973 में दोनों की पहली मुलाकात हुई थी और फिर उनकी मुलाकातों का सिलसिला बढ़ गया। धीरे-धीरे उनका प्यार परवान चढ़ा और करीब एक साल के अंदर 1974 में दोनों की शादी हो गई।
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sanjay gandhi - फोटो : सोशल मीड‌िया
मां को नापसंद था दोनों का प्यार
गौरतलब है कि मेनका की मां को दोनों का प्यार पसंद नहीं था। यही वजह थी कि उन्होंने मेनका को दादी के घर भेज दिया। जुलाई 1974 को मेनका घर लौंटी और करीब एक महीने बाद ही दोनों की सगाई हो गई। इसके बाद 23 सितंबर 1974 में दोनों की शादी हो गई। उस वक्त मेनका की उम्र मात्र 18 साल थी। दोनों में उम्र का बड़ा फासला था। मेनका संजय से 10 साल छोटी थीं।

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sanjay gandhi - फोटो : सोशल मीड‌िया
शुरुआती दिनों में चरम पर थी संजय की लोकप्रियता
1974 के आसपास अपना राजनीतिक जीवन शुरु करने वाले संजय की लोकप्रियता साल 1977-78 में अपने चरम पर थी। कांग्रेस पार्टी में उस वक्त अगर लोग इंदिरा के बाद किसी को जानते थे तो वो थे संजय गांधी। इसका कारण था राजीव गांधी की राजनीति में रु‌चि न होना। शादी के बाद संजय और मेनका साथ में दौरे किया करते थे। कांग्रेस पार्टी और संजय गांधी को मजबूती प्रदान करने के लिए मेनका एक मंथली मैगजीन सूर्या के प्रकाशन की भी शुरुआत की थी।
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sanjay gandhi - फोटो : सोशल मीड‌िया
संजय के मौत की खबर मेनका को घंटों बाद मिली थी
गौरतलब है कि संजय गांधी प्लेन उड़ाने के शौकीन थे और इसी शौक ने उनकी जान ले ली। दिल्ली में विमान हादसे में 23 जून को उनकी मौत हो गई। कहा जाता है कि संजय की मौत की खबर कई घंटों बाद मेनका को दी गई थी। घटना के वक्त वरुण गांधी मात्र 3 महीने के थे।
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sanjay gandhi - फोटो : सोशल मीड‌िया
बेटे की मौत के बाद मेनका को राजनीत‌ि में लाना चाहती थीं इंद‌िरा
स्वर्गीय इंदिरा गांधी अपने बेटे संजय गांधी की मृत्यु के बाद छोटी बहू मेनका को राजनीति में लाने में मदद करना चाहती थीं। लेकिन मेनका ऐसे लोगों के साथ थीं जो राजीव गांधी के विरोधी थे। स्वर्गीय इंदिरा गांधी के व्यक्तिगत डॉ. केपी माथुर ने अपनी पुस्तक ‘द अनसीन इंदिरा गांधी’ में इस बात का उल्लेख किया है। डॉ. माथुर के अनुसार, ‘यद्यपि सोनिया के प्रति इंदिरा का अनुराग अधिक था लेकिन संजय की मौत के बाद उनका झुकाव मेनका की ओर थोड़ा ज्यादा हो गया था। हालांकि, इससे मेनका उनके करीब नहीं आ सकी। सोनिया आम तौर पर घरेलू मामलों की जिम्मेदारी संभालती थीं जबकि राजनीतिक मामलों में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, मेनका के विचारों पर गौर करती थीं क्योंकि मेनका की राजनीतिक समझ अच्छी थी।’
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