चक रसेल और विद्युत जामवाल से मिले बच्चे
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आप कहते हैं कि आप भारतीय संस्कृति से बहुत प्रभावित हैं और इसकी विविधता को जंगली में दिखाना चाहते हैं। फिर फिल्म को इंडोनेशिया में क्यों शूट किया गया?
ये सिर्फ और सिर्फ हाथियों को ध्यान में रखते हुए किया गया। मेरी रिसर्च टीम ने इस फिल्म पर बहुत दिनों तक काम किया है। भारत में हाथियों के साथ शूटिंग करना आसान नहीं था वहीं मुझे थाइलैंड के एक एलीफैंट सेंटर की जानकारी थी। इसलिए मैं मैं सबको वहां ले गया। हाथियों को ख्याल रखने के साथ साथ मुझे फिल्म के कलाकारों और यूनिट की सुरक्षा का भी ध्यान रखना था।
तो क्या संदेश देती है आपकी फिल्म जंगली? भारत में इससे पहले हाथी मेरे साथी, मैं और मेरा हाथी जैसी फिल्में देख चुके लोगों को इसमें क्या नया देखने को मिलेगा?
मेरी फिल्म के हाथी फिल्म की सजावट के लिए नहीं हैं। जिन फिल्मों का आपने जिक्र किया ये इसीलिए हिट रहीं क्योंकि इसमें इंसान और जानवर की दोस्ती पर फोकस किया गया। जंगली इससे दो कदम आगे जाती है। यहां परेशानी में इंसान नहीं जानवर है। मैने हाथियों को भी कलाकारों की तरह ही दिखाया है। मेरी फिल्म का मकसद लोगों में जानवरों के प्रति सहानुभूती जगाना है। पूरी शूटिंग के दौरान हाथियों और विद्युत के बीच अच्छी खासी दोस्ती भी हो गई थी। इस दोस्ती का असर आपको परदे पर भी दिखाई देगा। फिल्म की हीरोइन पूजा सावंत तो शूटिंग खत्म होने के बाद इन हाथियों से बिछड़ने के गम में वहीं रोने लगी। दर्शकों को भी इस फिल्म में कई बार ऐसा ही एहसास होगा।