जीडीए की टीम ने बुधवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत राजनगर सेक्टर-2 स्थित हनुमान मंदिर परिसर की कई दीवारें गिरा दी और गोशाला का छप्पर ढहा दिया। इसे लेकर हिंदू युवा वाहिनी और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने करीब पांच घंटे सड़क जाम कर खूब हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। हिंदू युवा वाहिनी व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप था कि जीडीए ने गलत तरीके से कार्रवाई की है, जिससे एक गाय और बछड़ा घायल हो गया है, जबकि एक मूर्ति क्षतिग्रस्त हो गई है।
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hindu youth protest
नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के पास राजनगर सेक्टर-2 इलाके में ग्रीन बेल्ट में बने संकट मोचन हनुमान मंदिर और उसके परिसर क्षेत्र में सुबह 10:45 बजे जीडीए की टीम जेसीबी लेकर पहुंची और मंदिर परिसर से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे दोनों संगठनों के कार्यकर्ता भड़क उठे और जेसीबी के ड्राइवर के चालक को बंधक बनाकर बदसलूकी की। इतना ही नहीं नया रेलवे स्टेशन रोड के सामने दोनों तरफ सड़क को जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे चालक को छुड़ाकर थाने भेजा। इस बीच कार्यकर्ता हंगामा करते रहे।
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करीब तीन घंटे बाद सिटी मजिस्ट्रेट, एएसडीएम और सीओ सेकेंड मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को कार्रवाई का आश्वासन दिया और पांच दिन के भीतर मंदिर की दीवार बनवाने की बात कहकर मामला शांत कराया। इस आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने जाम खोला।
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नाराज हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नया रेलवे स्टेशन की दोनों रोड पर मंदिर परिसर की टूटी हुई ईंट, पानी की टंकी और लोहे के गेट रखकर दोनों तरफ की सड़क को बंद कर दिया। इस दौरान पांच घंटे तक लोग जाम से जूझते रहे। हालांकि इस दौरान थाना कविनगर की पुलिस ने जाम में फंसे लोगों को सर्विस रोड से निकलवाया और बाद में कार्यकर्ताओं को समझाकर एक रोड भी खुलवा दी।
नाराज कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ से मांग की जीडीए के तोड़फोड़ करने वाले अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो। इसके साथ ही ग्रीन बेल्ट में बनी चिकन शॉप को भी बंद कराए जाए। तोड़फोड़ के बाद हंगामा कर रहे कार्यकर्ता लगातार पुलिस अधिकारियों से मांग करते रहे कि उन्हें एक बार जीडीए के आला अधिकारियों को बुलाया जाए। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी जीडीए के अधिकारियों को जानकारी भी दी, लेकिन वो मौके पर नहीं पहुंचे। जीडीए अफसर अगर मौके पर पहुंचते तो इतना बवाल नहीं होता।