दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा में लगातार जहर बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण(ईपीसीए) ने दिल्ली-एनसीआर में हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है। इसके तहत दिल्ली के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश भी मुख्यमंत्री केजरीवाल ने जारी कर दिया है। प्रदूषण के मामले में दिल्ली-एनसीआर के अधिकतर शहरों का हाल बहुत बुरा है। इसके ज्यादातर शहर टॉप-10 में शामिल हैं।
प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए महज कागजों में इंतजाम होते हैं। नतीजतन, हर साल सांसों पर संकट बढ़ता जा रहा है। पर्यावरण में घुल रहा जहर आने वाले समय के लिए खतरे की घंटी बजा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली हो, हाईटेक शहर नोएडा-ग्रेटर नोएडा हो या औद्योगिक नगरी फरीदाबाद या फिर साइबर सिटी गुरुग्राम। सबसे बुरी स्थिति तो गाजियाबाद की है।
इन शहरों का हर शख्स न चाहते हुए भी हर सांस में जहर निगल रहा है। जल्द से जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। आगे जानिए क्या हैं वो पांच फैसले जिन्हें लेकर दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण काफी हद तक कम किया जा सकता हैै और साल भर लगने वाले ट्रैफिक से भी निजात मिल सकती है..