हर साल 25 मई को हरियाणवी लोक गायिका अपना जन्मदिन धूमधाम से मनाती थी। उसके दोस्त व सहेलियां घर आते और जमकर मौजमस्ती की जाती थी। लेकिन किसी को क्या पता था कि एक दिन जन्मदिन वाले दिन ही गायिका की अस्थियां गंगा में विसर्जित की जाएंगी। जी हां बुधवार सुबह गायिका के परिजनों ने श्मशान घाट पहुंचकर उसकी चिता से अस्थियां एकत्रित कीं। इसके बाद उसके पिता दूसरे रिश्तेदारों के साथ उसकी अस्थियां लेकर गढ़-गंगा के लिए रवाना हो गए। दोपहर को पूजा-पाठ के बाद उनको विसर्जित कर दिया। बेटी की मौत के बाद उसके घर में मातम का माहौल है।