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गुरुग्रामः चीनी समान और राष्ट्रपति का जलाया पुतला, प्रदर्शनकारी बोले- यूएन से भी रद्द हो चीन की आजीवन सदस्यता

Wed, 17 Jun 2020 05:30 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
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boycott china - फोटो : सुदर्शन झा
पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा ( एलएसी ) पर हुए खूनी संघर्ष के बाद देशभर में चीन के खिलाफ जमकर आक्रोश फूटा। गुरुग्राम वासियों ने बुधवार को सुबह से ही जगह जगह चीन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने चीना के सामान के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पुतले को जलाकर अपना रोष जताया। विरोध जताते हुए लोगों ने केंद्र सरकार से चीन से व्यावसायिक व अन्य सभी रिश्तों को खत्म कर चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
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boycott china - फोटो : सुदर्शन झा
अशोक कटारिया चौक पर मार्केट एसोसिएशन ने चीनी सामान जलाकर प्रदर्शन किया। कटारिया मार्केट के लोगों ने कभी भी चीनी सामान नहीं बेचने का संकल्प लिया। एसोसिएशन के सदस्य महेश चंद गोयल ने बताया कि अब हमें चाहें लाखों का नुकसान हो लेकिन चीन का सामान न तो खरीदा जाएगा न ही बेचा जाएगा। 
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boycott china - फोटो : सुदर्शन झा
राजेंद्र पार्क में राजेश पटेल ने सरकार से रक्षात्मक नीति को त्याग कर शहादत का बदला लेने के लिए विशेष नीति बनाने की अपील की। लोगों ने रोष जाहिर करते हुए कहा कि चीनी सामान की खरीद से भारत ने चीन को लाभ पहुंचाया है। इस हिंसक घटना के बाद हर भारतवासी चीन से बदला लेने के लिए हर प्रकार की कुर्बानी देने को तैयार है। प्रदर्शनकारियों ने चीनी सामान नहीं खरीदने की अपील कर कहा कि अब वक्त आ गया है कि हम अपने घरों में रहते हुए चीन को सबक सिखाएं और अपने फौजी भाइयों का बदला लें।

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boycott china - फोटो : सुदर्शन झा
शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
वास्तविक नियंत्रण रेखा(एलएसी) पर चीन के साथ झड़प में कमांडिंग अधिकारी सहित 20 जवान शहीद हो गए। राजेंद्र पार्क में लोगों ने मोमबत्ती जलाकर उन्हें याद किया और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सभी ने शहीद जवानों को नमन कर सरकार से चीन को सबक सिखाने की मांग की। मौके पर राजन, विवेक, राहुल, संदीप, रवी, विशाल, गौरव, रंजीत, राजेश आदि ने रोष जाहिर करते हुए कहा कि चीन पहले ही कोरोना महामारी को  विश्व भर में फैलाकर बड़ा अपराध कर चुका है। इसके बाद चीन का भारतीय सैनकों पर किए गए हमले का बदला लेना चाहिए।
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boycott china - फोटो : सुदर्शन झा
यूएन से भी रद्द हो चीन की आजीवन सदस्यता, विश्व को करना होगा चीन का बहिष्कार
पूर्वी लद्दाख में चीन की कायराना हरकत पर देशवासी जवानों की शहादत का बदला चाहते हैं। लोगों का कहना है कि चीन की फितरत ही धोखा देना है। अब वक्त है कि इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाए। यूएन से चीन की आजीवन सदस्यता रद्द करने के लिए अब अमेरिका के साथ-साथ भारत को भी अपना पक्ष मजबूत करना चाहिए। चीन ने पहले पाकिस्तान की आड़ लेकर भारत में अशांति फैलानी चाही, लेकिन इसमें कामयाब नहीं हुआ तो नेपाल को आगे कर दिया। इससे भी बात नहीं बनी तो अब खुद प्रत्यक्ष रूप से सामने आ गया है।

चीन का बायकाट केवल आम जन को ही नहीं बल्कि सरकार को भी करना चाहिए। सरकार द्वारा आयात-निर्यात को पूर्ण रूप से प्रतिबंध करते हुए चीन की विभिन्न कंपनियों के साथ किए गए करार को तुरंत प्रभाव से समाप्त कर देना चाहिए।  विश्व के सभी देशो को चीन का बायकाट करना चाहिए।
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boycott china - फोटो : सुदर्शन झा
सरकार को चीन की इस हरकत पर अपना पक्ष मजबूती से रखना होगा। अमेरिका व अन्य देशों के साथ मिलकर चीन की यूएन की आजीवन सदस्यता को रद्द करवाना होगा। चीन की हरकत को देखते हुए भारत में उसके सभी राजनायिकों को तुरंत प्रभाव से वापस चीन भेज देना चाहिए। विश्व के सभी देशों को उसके सामान का बायकाट करना होगा।- टी सी राव, सेवानिवृत मेजर

भारतीय सैनिक उनके पास वार्ता करने के लिए गए थे, लेकिन चीनी सैनिकों ने उन पर हमला कर दिया। यह कदम निंदनीय है। सरकार को कड़ा कदम उठाना चाहिए। चीन के धोखे को जवाब देना चाहिए। सीमा पर फोर्स भेजकर चीन पर दबाव बनाकर उन्हें पीछे हटाना चाहिए।- कपूर सिंह दलाल, अध्यक्ष स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकार समिति

चीन ने पहले भी कायराना हरकत की थी। उस वक्त भी चीन को मुंह की खानी पड़ी थी। इस वक्त देश को एकजुट होना है। भारत सरकार द्वारा चीन के खिलाफ उठाए जाने वाले कदम में प्रत्येक भारतीय को साथ देना होगा।- भरत यादव, निवासी धर्म कॉलोनी
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boycott china - फोटो : सुदर्शन झा
चीन की कायराना हरकत का भारत को जवाब देना होगा। सरकार द्वारा चीनी कंपनियों के साथ किए गए करार को तुरंत प्रभाव से रद्द करते हुए उस पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। चीन की फितरत ही धोखेबाजी करना है। रूस, जापान, रशिया को भी भारत व अमेरिका के साथ आगे आना चाहिए।- धर्मेंद्र यादव, निवासी मानेसर

चीन ने 1962 की लड़ाई में भी धोखेबाजी की थी और अब भी इसी रणनीति के तहत काम कर रहा है। चीन का कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता। भारत सरकार को चाहिए कि वह चीन सीमा पर फोर्स भेजकर इसका मुंहतोड़ जवाब दे और शहादत का बदला ले।- सुरेंद्र, निवासी लक्ष्मण विहार
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