गुरुग्राम के सेक्टर-50 थाना क्षेत्र के उप्पल साउथ एंड के एस ब्लॉक में रहने वाले वैज्ञानिक श्रीप्रकाश सिंह (55) ने इतनी बेरहमी से परिवार का मारा, देखने वालों के होश उड़ गए। पुलिस भी शवों का हाल देखकर हैरान रह गई। पुलिस को श्रीप्रकाश की जेब से सुसाइड नोट मिला है। फिलहाल पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस उपायुक्त पूर्वी सुलोचना गजराज ने बताया कि मृतक श्रीप्रकाश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि वारदात के पीछे असल वजह क्या है।
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gurugram murder and suicide
- फोटो : सुदर्शन झा
घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब सुबह जब खाना बनाने के लिए नौकरानी मधु वैज्ञानिक के घर पहुंची। खटखटाने के बावजूद किसी ने दरवाजा नहीं खोला। नौकरानी ने श्रीप्रकाश सिंह के मोबाइल पर फोन किया तो घंटी बजती रही, लेकिन उठाया नहीं। अनहोनी की आशंका पर मधु ने पड़ोसियों को सूचना दी। उनकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को बाथरूम की खिड़की से घर के अंदर प्रवेश करवाया।
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पत्नी और बच्चों के लहूलुहान शव पड़े थे
कोमल का लहूलुहान शव बेडरूम में फर्श पर और दोनों बच्चों के शव बेड पर पड़े थे। ड्राइंग रूम में श्रीप्रकाश का शव पंखे से फंदे पर लटका था। पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में घुसी। पुलिस को श्रीप्रकाश की जेब से दो लाइन का सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने परिवार को न संभाल पाने के लिए खुद को जिम्मेदार बताते हुए घटना को अंजाम देने की बात लिखी थी। पुलिस ने मौके से चाकू, फरसा और एक हथौड़ा बरामद किया है।
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- फोटो : सुदर्शन झा
आपको बता दें कि वैज्ञानिक श्रीप्रकाश सिंह ने बेटी के सिर पर हथौड़े से वार कर उसे लहूलुहान कर दिया। उसके बाद उसके सिर व गर्दन पर धारदार हथियार से काट दिया। इसके बाद उसने अपनी पत्नी को बेरहमी से मारा। श्रीप्रकाश ने बेडरूम में सो रहे बेटे आदित्य की नींद खुलने पर उसका गला काटकर उसे मौत के घाट उतारा। प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण सिर और गर्दन पर लगी गंभीर चोटों से अत्यधिक रक्त बहाव के कारण माना जा रहा है।
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- फोटो : सुदर्शन झा
पुलिस के मुताबिक मूलत: गांव रघुनाथपुरा, थाना बाबतपुर जिला वाराणसी (यूपी) निवासी वैज्ञानिक डॉ. श्रीप्रकाश सिंह (55) करीब 12 साल पहले गुरुग्राम आकर बस गए थे। वह सेक्टर-50 थाना क्षेत्र के उप्पल साउथ एंड के एस ब्लॉक में पत्नी कोमल उर्फ सोनू (52), बेटी अदिति (21) और बेटा आदित्य (14) के साथ रहते थे। कोमल एक गैर सरकारी पाठशाला का संचालन करती थीं। अदिति जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय में बी-फार्मा की छात्रा थी, जोकि गुरुग्राम के बेस्टेक पार्क स्थित एक कंपनी में इंटर्नशिप कर रही थी। बेटा आदित्य डीएवी स्कूल में 9वीं कक्षा का छात्र था।
गुुरुग्राम में डॉक्टर ने अपने परिवार को मौत के घाट उतार कर लगा ली फांसी
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श्रीप्रकाश वह सनफार्मा कंपनी में आरएंडडी/पीवी क्वालिटी हेड के तौर पर कार्यरत थे। करीब 1 महीने पहले उनकी नौकरी छूट गई थी जिसके बाद से वह घर पर ही थे और दूसरी नौकरी की तलाश कर रहे थे। उनकी पत्नी सोनू अपनी पाठशाला फाउंडेशन गैर सरकारी संस्था चलाती थी। उन्होंने उप्पल साउथ एंड के सी ब्लॉक, गांव फाजिलपुर, सोहना तथा पलवल में स्कूल खोले हुए थे जिनमें 1 हजार से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसमें सोहन वा फाजिलपुर स्थित स्कूल में गरीब बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाती थी। इन चारों स्कूलों के अलावा वह रोजाना शाम को गरीब बच्चों को घर के बरामदे में ही शिक्षा प्रदान करती थी।