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सात मजदूरों की मौत: मिट्टी में दफन हुईं खुशियां, पलभर में उजड़ गई दुनिया; हादसे से कई घरों की उम्मीदें भी टूटी

Wed, 11 Mar 2026 01:15 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

गुरुग्राम में मिट्टी धंसने से सात मजदूरों की मौत मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रोजेक्ट मैनेजर और स्ट्रक्चर इंजीनियर गिरफ्तार कर लिया गया है। हादसे के करीब दो घंटे बाद पुलिस को जानकारी मिली थी, तब राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया।
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gurugram wall collapsed - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
गुरुग्राम के बिलासपुर क्षेत्र में बीती रात एसटीपी के गड्ढे की मिट्टी धंसने से सात मजदूरों की मौत मामले में प्रोजेक्ट मैनेजर, स्ट्रक्चर इंजीनियर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उपायुक्त अजय कुमार ने मामले की जांच के लिए एसडीएम मानेसर की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक समिति गठित कर दी है।

बिलासपुर थाने में हादसे में जान गंवाने वाले सतीश के भाई विष्णु यादव की शिकायत पर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत में बताया कि ग्लोबल सिटी ऑफ कलर्स कंपनी, बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी दीनदयाल शर्मा उर्फ डीडी शर्मा (ठेकेदार), दिनेशवीर (प्रोजेक्ट इंचार्ज), विकास पांडे (साइट स्ट्रक्चर इंचार्ज) व सेफ्टी इंचार्ज ऑफिसर द्वारा पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम व सेफ्टी उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। जिस कारण हादसा हुआ और उसके भाई सतीश सहित अन्य मजदूरों की मौत हो गई।
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निर्माणाधीन साइट पर गिरा मलबा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने मंगलवार को प्रोजेक्ट मैनेजर मैनेजर दिनेश वीर निवासी चिरावली, हाथरस, स्ट्रक्चर इंजीनियर विकास पांडे निवासी मिर्जापुर को गिरफ्तार कर लिया है। 
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निर्माणाधीन साइट पर गिरा मलबा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे के करीब दो घंटे बाद पुलिस को मिली जानकारी, तब चलाया गया राहत एवं बचाव कार्य
गांव सिधरावली में सिग्नेचर ग्लोबल प्रोजेक्ट परिसर में सोमवार शाम करीब सात बजे बजे तक सब कुछ सामान्य था। मजदूर अपने काम में जुटे थे। ठीक आधे घंटे बाद अचानक मिट्टी धंसी और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई। दबे हुए मजदूरों को निकालने का प्रयास किया गया लेकिन व्यर्थ साबित हुआ।

 

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निर्माणाधीन साइट पर गिरा मलबा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुछ घायलों को अस्पताल भेजा गया जबकि दबे हुए सात मजदूरों को करीब दो घंटे बाद सूचना पर पुलिस के साथ पहुंची राहत एवं बचाव दल ने निकाला, जिन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
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निर्माणाधीन साइट पर गिरा मलबा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मजदूरों की मानें तो बिल्डर ने अपने स्तर से बचाव के प्रयास किए लेकिन वह नाकाफी साबित हुए। हादसे की खबर आते ही अस्पतालों के बाहर परिजनों की बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी। कोई अपने बेटे का नाम पुकार रहा था, तो कोई फोन पर बार-बार यही पूछ रहा था-वह ठीक तो है ना? अस्पताल में मौजूद मजदूरों के परिजन की आंखों में आंसू थे और बार-बार कह रहा था कि, सुबह ही सतीष और भागीरथ से बात हुई थी लेकिन क्या पता था कि अब कभी उनसे बात नहीं हो पाएगी। दोनों की हादसे में जान चली गई।
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देर रात तक चलता रहा राहत एवं बचाव कार्य - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस हादसे ने सिर्फ कुछ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि कई घरों की उम्मीदें भी तोड़ दीं। जिन बच्चों को अपने पिता के घर आने का इंतजार था वे अब मोर्चरी के बाहर खड़े थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिल्डर ने समय पर पुलिस को सूचित किया होता तो शायद इतने लोगों की जान नहीं जाती। हादसे के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके लिए यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि जिंदगी भर का दर्द बन गया है।
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घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जांच कमेटी के अध्यक्ष एसडीएम मानेसर
उपायुक्त अजय कुमार ने मामले की जांच के लिए एसडीएम मानेसर की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक समिति का गठन किया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर एक निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें। समिति में मानेसर के एसडीएम दर्शन यादव को अध्यक्ष बनाया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त, पटौदी, जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन), गुरुग्राम तथा कार्यकारी अभियंता-II, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क), गुरुग्राम को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। 

 

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घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि समिति घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर जिम्मेदारी तय करेगी और अपनी रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करेगी। इससे पहले मानेसर के एसडीएम दर्शन यादव ने मंगलवार को घटना स्थल का भी दौरा किया और घटना स्थल पर विभिन्न पहलुओं की जांच की।
 

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मजदूरों को लेने पहुंची एंबुलेंस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
6 मजदूरों के शवों का पोस्टमार्टम परिजनों के आने बाद होगा
बिलासपुर क्षेत्र में ग्लोबल सिटी ऑफ कलर्स कंपनी में निर्माणाधीन इमारत में एसटीपी प्लांट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में मिट्टी धंसने से सात मजदूरों की मौत के बाद छह मजदूरों के शवों का पोस्टमार्टम अब तक नहीं हुआ है। मंगलवार को सिर्फ एक मजदूर सतीश के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस को उनके परिजनों के आने का इंतजार है जबकि एक मजदूर भरतपुर निवासी सतीश के शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। 

 

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इसी सोसायटी में हुआ हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मृतक सतीश के भाई विष्णु यादव की शिकायत पर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत में बताया कि ग्लोबल सिटी ऑफ कलर्स कंपनी, बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी (बीआईसीपीएल), दीनदयाल शर्मा उर्फ डीडी शर्मा (ठेकेदार), दिनेशवीर (प्रोजेक्ट इंचार्ज), विकास पांडे (साइट स्ट्रक्चर इंचार्ज) व सेफ्टी इंचार्ज ऑफिसर द्वारा पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम व सेफ्टी उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। 
 

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घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिस कारण मिट्टी धंसने से यह हादसा हुआ और उसके भाई सहित अन्य मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि आगामी कार्रवाई के लिए दोनों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। जांच अधिकारी एएसआई नरेंद्र ने बताया कि मजदूरों के शवों को गुरुग्राम की मोर्चरी में रखवाया गया है।

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gurugram wall collapsed - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
हमारे यहां पर सात लोग आए थे। सभी मिट्टी में दबे हुए प्रतीत हो रहे थे। एकदम से इतनी सारे लोगों को देखकर काफी अचंभा हुआ। बाद में इलाज के दौरान सभी की मौत हो गई। घायल लोगों को देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा काफी खतरनाक था।- डॉ. सागर अरोड़ा, इंचार्ज, भिवाड़ी अस्पताल

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निर्माणाधीन साइट पर मलबे को हटाते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंचे। मंजर देखकर चकित रह गया। मिट्टी में दबे लोगों को बाहर निकालना आसान नहीं था। बाद में सभी को भिवाड़ी के अस्पताल ले जाया गया। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि मिट्टी का दबाव इतना अधिक था कि मजदूरों को बाहर निकालना बेहद कठिन था। -राजू, एंबुलेंस चालक

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निर्माणाधीन साइट पर गिरा मलबा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फोन आया कि हादसा हो गया है। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि भाई सतीश भी इसमें शामिल था। हादसा लापरवाही की वजह से हुआ। यह सब सोचकर दिल बहुत दुखता है। नरेंद्र, मृतक का भाई
 
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निर्माणाधीन साइट पर गिरे लोहे के सरिए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही बरतने के मामले में कार्रवाई करते हुए अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। संदीप कुमार, पुलिस प्रवक्ता
 
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