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गुरुग्राम में लाठीचार्ज के बाद हिंसक हुए कर्मचारी: 20 मजदूरों को आई चोट, पुलिस की बाइक जलाई; शीशे तोड़े, Video

Thu, 09 Apr 2026 05:14 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम

सार

मानेसर की डीसीपी प्रबीना पी. ने हंगामा के दौरान आईएमटी मानेसर के औद्योगिक क्षेत्र का जायजा लिया। जिन कंपनियों के बाहर हंगामा हुआ है, वहां पर पुलिसबल तैनात किया गया है और जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। 
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गुरुग्राम में मजदूरों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर औद्योगिक क्षेत्र के कई कंपनियों में न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर गुरुवार की सुबह पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कर्मचारी यूनियन का आरोप है कि कंपनी प्रबंधकों के इशारे पर कर्मचारियों पर लाठीचार्ज हुआ है। इस दौरान करीब 20 कर्मचारियों को चोटें आई हैं। एक के सिर पर गहरा जख्म है, जिसको काफी खून बहने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। हंगामा कर रहे कर्मचारियों ने पुलिस की एक बाइक फूंक दी और पुलिस की गाड़ियों पर पथराव करके शीशे तोड़े।
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पुलिस ने किया कर्मचारियों पर लाठीचार्ज - फोटो : अमर उजाला
कई कंपनियों के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती
आईएमटी मानेसर स्थित रिचा ग्लोबल एक्सपोर्ट, मॉडलेमा, मुंजाल शोवा, डायमंड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के बाहर कर्मचारियों ने हंगामा किया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कई कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू करने आदेश जारी किया है। इसके बावजूद उग्र कर्मचारियों ने कई कंपनियों पर भी पथराव किया। पुलिस अधिकारियों ने एतिहात के तौर पर आईएमटी मानेसर की कई कंपनियों के बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। इसके साथ ही फायर विभाग की टीमों को भी तैनात किया गया है। 
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कंपनियों के बाहर पुलिसकर्मी तैनात - फोटो : अमर उजाला
न्यूनतम वेतन को बताया मजाक
बता दें कि आईएमटी मानेसर की कई कंपनियों के कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन को मजाक बताते हुए बृहस्पतिवार की सुबह प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सेक्टर-4 स्थित रिचा ग्लोबल एक्सपोर्ट कंपनी के बाहर कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान करीब 10.30 बजे कर्मचारियों ने कंपनी के अंदर घुसकर वहां खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़े। कंपनी की खिड़कियों व दरवाजों पर पथराव करते हुए शीशे तोड़ने के साथ ही एसी भी तोड़ दिए। इससे कंपनी को काफी नुकसान हुआ है। कंपनी प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर हंगामा कर रहे कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया। बताया ला रहा है कि सेक्टर-4 स्थित रिचा ग्लोबल प्लांट में हड़ताल कर रहे सैकड़ों कर्मचारियों को पुलिस ने गेट बंद कर घेर लिया था। 

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गुस्साए मजदूरों में फूंकी पुलिस की बाइक - फोटो : अमर उजाला
डीसीपी मानेसर ने लिया जायजा 
मानेसर की डीसीपी प्रबीना पी. ने हंगामा के दौरान आईएमटी मानेसर के औद्योगिक क्षेत्र का जायजा लिया। जिन कंपनियों के बाहर हंगामा हुआ है, वहां पर पुलिसबल तैनात किया गया है और जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न थानों के प्रभारियों सहित अन्य पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा एसीपी (पूर्व) धर्मबीर भी सेक्टर-4 स्थित रिचा ग्लोबल एक्सपोर्ट कंपनी पर हुए हंगामे को लेकर मौके पर पहुंचे थे। 

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उद्यमी - फोटो : अमर उजाला
उद्यमियों बोले- मजदूरी दर बढ़ाने के लिए यह उचित समय नहीं
पिछले कुछ दिनों से मानेसर के कुछ उद्योगों में श्रमिकों द्वारा वेतन वृद्धि की मांग को लेकर किए जाने वाले धरना-प्रदर्शन के बाद हरियाणा सरकार ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतन वृद्धि की नोटिस जारी कर दी है। उद्यमियों को यह नोटिस दे दी गई हैं कि वे श्रमिकों को न्यूनतम वेतन को नए मजदूरी दर के अनुसार बढ़ाकर दें। उद्यमियों के अनुसार यह बगैर उनसे मशवरे के उन पर आरोपित आर्थिक बोझ है।
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कंपनी के बाहर मजदूरों की चप्पलें - फोटो : अमर उजाला
सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने पर काम नहीं किया
उद्यमियों ने कहा कि वेतन वृद्धि सामाजिक न्याय की दृष्टि से सही कदम है। वे भी महंगाई के अनुसार न्यूनतम मजदूरी दर बढ़ाए जाने के खिलाफ नहीं हैं, मगर न्यूनतम मजूदरी दर 40 प्रतिशत बढ़ाए जाने से पहले उनसे सलाह मशवरा किया जाना चाहिए था। यह उन पर आर्थिक बोझ होगा। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने पर काम नहीं किया है। पिछले दिनों अमेरिकी टैरिफ वृद्धि इसके बाद पश्चिम एशिया युद्ध के कारण कच्चे माल की महंगाई, ईंधन संकट, मजदूरों के पलायन आदि से वे पहले से ही जूझ रहे हैं। मजदूरी दर में वृद्धि के आर्थिक बोझ से वे विदेशों से मुकाबला करने की बात तो दूर उत्तर प्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों के साथ भी प्रतियोगिता नहीं कर पाएंगे।
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सफाई करता कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
न्यूनतम मजदूरी दर रुपये प्रति माह पहले    
अकुशल श्रमिक  11,257 रुपये प्रति माह
अर्ध कुशल श्रमिक (ए)  13051.71 रुपये प्रति माह
अर्ध कुशल श्रमिक (बी)  113704.31  रुपये प्रति माह
उच्च कुशल  14389.52 रुपये प्रति माह
                             
एक अप्रैल 2026 से न्यूनतम मजदूरी दर (रुपये में मासिक )
अकुशल  15220.71 रुपये प्रति माह
अर्द्ध कुशल  16780.74 रुपये प्रति माह
कुशल  18500.81 रुपये प्रति माह
उच्च कुशल  19425.85 रुपये प्रति माह
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कंपनी के बाहर तैनात पुलिस कर्मी - फोटो : अमर उजाला
हम लोग श्रमिकों के वेतन वृद्धि के खिलाफ नहीं है मगर सरकार को उद्यमियों की भी समस्याएं सुननी चाहिए थी। बगैर उनकी समस्या सुने उनपर श्रमिकों के वेतन वृद्धि का बोझ लादना उचित नहीं है। - विकास गुप्ता, अध्यक्ष मानेसर इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन

हमलोग शांति पूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हैं तो सरकार सुनने को राजी नहीं होती है। श्रमिकों के हंगामे और तोड़फोड़ का असर एक दिन में हो गया। अभी सरकार को अचानक मजदूर दर वृद्धि के निर्णय लेने से पहले उद्यमियों का पक्ष भी लेना चाहिए था। अभी उद्योग जगत संकट से गुजर रहा है। - भरत गोयल, उद्यमी आईएमटी मानेसर

उद्योग जगत अमेरिकी टैरिफ, ईरान इस्त्राइल युद्ध के कारण लागत में वृद्धि, ईंधन संकट, श्रमिकों के पलायन से गुजर रहा हैं, यह मजदूरी दर बढ़ाने के लिए यह सही समय नहीं है। इसका कुछ बोझ सरकार को भी वहन करना चाहिए। वे जीएसटी में कमी कर हमें सहयोग कर सकते हैं। - आशु झिंगन, उद्यमी आईटीएम मानेसर

मजदूरों के प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल बैठक की और यह निर्णय लिया है, यह मजदूरों के लिए तो बेहतर है, ही उद्योगों के लिए और पूरे देश के लिए बेहतर है। मजदूरी दर बढ़ाने की यह घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने बजट भाषण में कर चुके थे। - मनोज त्यागी, महासचिव आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

सरकार ने न्यूनतम मजदूरी दर 4000 रुपये की वृद्धि करके एक अच्छा कदम उठाया है मगर हमारी मांगे अभी पूरी नहीं हुई है। महंगाई को देखते हुए हम लोगों ने न्यूनतम मजदूरी दर 26000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग रखी थी। -अनिल पवार, राज्य महासचिव, एटक, संयोजक ट्रेड यूनियन काउंसिल 
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