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ऑटो चालक के अपहरण की कहानी: पूरी प्लानिंग के साथ किया मनोज और दो बच्चों का अपहरण, तीन दिनों तक की गई थी रेकी

Wed, 08 Apr 2026 12:12 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

गुरुग्राम से किए पिता और दो बच्चों के अपहरण के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ ऑटो चालक और बच्चों का अपहरण किया था। मनमोहन ने बरेली से जानकारों को बुलाया था। ये जानकार तीन से चार दिन गुरुग्राम में रुके थे। 
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kidnapping case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-1 थाना क्षेत्र में 4 अप्रैल की शाम को मनमोहन ने ऑटो चालक मनोज व उसके दोनों बेटों का अपहरण पूरी प्लानिंग के साथ किया था। मनमोहन (मृतक) ने वारदात के तीन-चार दिन पहले ही बरेली से अपने तीन जानकारों को बुलाया था। 

वे गुरुग्राम में ही रूके हुए थे। मनमोहन की प्लानिंग के अनुसार 4 अप्रैल की शाम करीब 7.30 बजे मंदिर जाने के बहाने एक जानकार के माध्यम से ऑटाे बुक किया गया था।
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मनोज के परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाम के समय करीब 7.30 बजे मनोज अपने दोनों बच्चों को साथ लेकर गया था, ताकि वे भी मंदिर में घूम सकें। उसने अपनी पत्नी पूजा को जल्दी वापस लौटने की बात कही थी। बताया जा रहा है कि करीब 8 बजे मनोज व उसके दोनों नाबालिग बच्चों का अपहरण किया गया था।
 
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हिरासत में लिया गया नत्थूलाल। मृत आरोपी मनमोहन का पिता। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अभी तक पुलिस की जांच में सामने आया है कि मंदिर जाने के बाद मनमोहन ने अपने साथियों के साथ मिलकर मनोज का अपहरण किया। दोनों बच्चे भी साथ होने के कारण उनको भी गाड़ी में बैठा लिया था। पहले तीनों को एक साथ गाड़ी में बैठाया था। 

 

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पीड़ित मनोज और उसकी पत्नी - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद उत्तर प्रदेश में पहुंचने के बाद मनोज को बच्चों से अलग कर दिया और उसे मनमोहन के पिता नत्थूलाल के फरीदपुर स्थित मकान में बंधक बना लिया था। बच्चों को दिल्ली की ओर लेकर आ रहे थे तो गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसमें मनमोहन व अन्य दो लोगों की मौत हो गई। हादसे में दोनों बच्चे भी घायल हुए।
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पीड़ित मनोज - फोटो : अमर उजाला
शिकायत मिलने के बाद तलाश में जुटी थी पुलिस
मनोज की पत्नी पूजा ने जब डीएलएफ फेज-1 थाने में पति व बच्चों के अपहरण होने संबंधी जानकारी दी तो पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई थी। 4 अप्रैल की शाम को शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मनोज व दोनों बच्चों की तलाश शुरू कर दी थी।
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कार के उड़े परखच्चे - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने मंदिर के आसपास तीनों की तलाश की तो कोई सुराग नहीं मिला। वहीं, पुलिस ने दीपक से भी मनमोहन के बारे में जानकारी ली। मनमोहन दीपक के पास ही पानी के टैंकर पर चालक था।
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हादसे में मारा गया आरोपी मनमोहन - फोटो : अमर उजाला
दो गली छोड़कर रह रहा था मनमोहन
ऑटो चालक मनोज अपनी पत्नी पूजा व दोनों बच्चों के साथ एस-51 में बने मकान में किराये पर रह रहा है। जबकि मनमोहन एस-36 में किराये पर रह रहा था। पानी टैंकर के मालिक दीपक का कार्यालय भी एस-51 में है तो जब मनमोहन वहां आता था तो मनोज से मुलाकात हो जाती थी।

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ऑटो चालक और बच्चों का अपहरण - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मनोज की पत्नी पूजा ने बताया कि उनकी भांजी मनमोहन के साथ ही सहमति संबंध में रह रही थी। उन्हे जानकारी नहीं है कि अब वह कहां है। पुलिस को उनकी भांजी से भी पूछताछ करनी चाहिए, ताकि अपहरण के बारे में उससे भी जानकारी मिल सके।

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हादसे के बाद मौके पर जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद
डीएलएफ फेज-1 थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि पीड़ित मनोज और अपहरण मामले में संलिप्त आरोपी प्रिंस से पूछताछ के बाद ही कुछ जानकारी दी जा सकेगी। फिलहाल एक टीम बरेली गई है, जोकि मनोज व उसके परिवार से जानकारी ले रही है। मामले में उत्तर प्रदेश की पुलिस कार्रवाई कर रही है। अभी इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। प्रवीन कुमार

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हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद
पिता और बच्चों की बची जान, अपहरणकर्ताओं की हादसे में मौत
लखनऊ-बरेली हाईवे पर रविवार को हुए हादसे में पांच लोगों की मौत के मामले में चौंकाने वाली हकीकत सामने आई है। बोलेरो में बैठे चारों लोग बदमाश थे। इनमें से तीन की मौत हो गई। बोलेरो से मिले दोनों बच्चे गुरुग्राम में रह रहे ऑटो चालक मनोज के हैं। बदमाशों ने मनोज और उसके दोनों बच्चों को अगवा कर लिया था। बच्चों की जान बच गई है। पुलिस ने मनोज को भी बंधनमुक्त करा लिया है।
 

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हादसे के बाद लगा जाम - फोटो : संवाद
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि गुरुग्राम निवासी ऑटो चालक मनोज और उसके दो बेटे मयूर (6) व लक्ष्य (3) शनिवार शाम साढ़े सात बजे लापता हो गए थे। मनोज की पत्नी पूजा ने डीएलएफ फेज-वन थाने में रविवार को उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसने बताया कि मनोज शनिवार शाम एक सवारी को छोड़ने के लिए पहाड़ी वाले हनुमान मंदिर गए थे। दोनों बच्चों को भी साथ ले गए थे।

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इसी टैंकर से टकराई कार - फोटो : संवाद
एसपी सिटी के मुताबिक, हादसे में बोलेरो सवार तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। चालक सीट पर मिला प्रिंस और दोनों बच्चे बेहोशी की हालत में थे। प्रिंस को होश आया तो उसके बयान से घटनाक्रम स्पष्ट हो गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने फरीदपुर के एक मकान से मनोज को बंधनमुक्त कराया। यह मकान हादसे में जान गंवाने वाले मनमोहन के पिता नत्थूलाल का है। पुलिस ने नत्थूलाल को भी हिरासत में ले लिया। प्रिंस का भी पुलिस की निगरानी में इलाज चल रहा है।

 
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कार के उड़े परखच्चे - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक, मनोज भी मनमोहन के गांव टांडा सिकंदरपुर का रहने वाला है। मनमोहन का पिता नत्थूलाल कई वर्षों से मनोज के परिवार की एक महिला के साथ सहमति संबंध में रहता है। इस बीच मनमोहन का संबंध मनोज के परिवार की दूसरी महिला से हो गया। मनोज इसका विरोध करता था। उसे रास्ते से हटाने के लिए मनमोहन ने अपहरण की साजिश रची थी। अपहरण के वक्त मनोज के साथ उसके बच्चे भी थे, तो उनको भी अगवा कर लिया।
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