अर्थी लेकर जाते रिश्तेदार
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इनकी गई जान
गुरुग्राम सेक्टर 46 स्थित घर पर कुछ देर अंतिम दर्शन के लिए शवों को रखा गया। बाद में सेक्टर 32 के श्मशान घाट पर रिश्तेदारों ने परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार किया। इस दुखद घड़ी में परिवार के लोगों के साथ उनके पड़ोसी भी श्मशान घाट पर मौजूद रहे। विवेक अग्रवाल के घर के बाहर सांत्वना देने वाले लोगों का तांता लगा रहा। हादसे में विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल और मां हेमलता अग्रवाल की जान चली गई। उनकी बेटियां जिविशा अग्रवाल और वार्या अग्रवाल भी इस अग्निकांड का शिकार हुईं। परिवार के मौसा जवरी लाल, मौसी कमला और मामा अशोक पंसारी की भी मौत हुई। मौसा-मौसी राजस्थान के अजमेर से आए थे, जबकि मामा किशनगंज से दिल्ली पहुंचे थे।