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'भगवान' बन आए पुलिसवाले, रेलवे ट्रैक पर पड़े घायल को कंधे पर लादकर ले गए अस्पताल

Tue, 22 Aug 2017 04:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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police carry accident victim on shoulder to office - फोटो : अमर उजाला
रेलवे ट्रैक के किनारे पड़े घायल व्यक्ति को कंधे पर डेढ़ किमी तक ले जाकर गौतमबुद्धनगर पुलिस के दो कांस्टेबल ने मानवीयता की मिसाल पेश की है। बिसरख कोतवाली पुलिस चौकी इंचार्ज गंगासहाय संत्सगी के नेतृत्व में कंट्रोल रूम पर सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची थी।
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police carry accident victim on shoulder to office - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद कांस्टेबल युगदीप व रामनिवास ने एक-एक कर घायल को कंधे पर लेकर रेलवे ट्रैक किनारे का डेढ़ किमी का रास्ता तय कर उसे अस्पताल पहुंचाया और उसकी जान बचाई। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। सत्संगी ने बताया कि रात लगभग 8 बजे कंट्रोल रूम से चिपियाना बुजुर्ग रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ियों में एक युवक के पड़े होने की सूचना मिली थी।
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police carry accident victim on shoulder to office - फोटो : अमर उजाला
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसएसआई अपने साथ कांस्टेबल युगदीप और रामनिवास को लेकर वाहन को सड़क पर खड़ा कर मौके की ओर चल दिए। रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में झाड़ियों में देखते हुए वह लगभग डेढ़ किमी पहुंचे। तब जाकर घायल युवक पुलिस टीम को दिखाई दिया। मौके पर किसी वाहन को नहीं ले जाया जा सकता था। इसके चलते एसएसआई के निर्देश पर कांस्टेबल ने ही घायल युवक को कंधे पर उठा लिया। ट्रैक किनारे अंधेरे में घायल को ले जाने में परेशानी हो रही थी। इसके चलते आधी दूरी के बाद दूसरे कांस्टेबल ने घायल को अपने कंधे पर उठाया और फिर सड़क पर पहुंच गए।
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police carry accident victim on shoulder to office - फोटो : अमर उजाला
यहां से ऑटो में बैठाकर चिपियाना स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया। घायल की पहचान खुर्जा के फलैंदा गांव निवासी विनोद के रूप में हुई है। वह दिल्ली से खुर्जा जाने के दौरान पैसेंजर ट्रेन से गिरकर घायल हो गया था।
झुंझलाहट नहीं, बंधाया ढांढस
सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि रात के अंधेरे में डेढ़ किमी तक पैदल चलने और इसके बाद घायल को कंधे पर उठाने के बावजूद कांस्टेबल की आवाज व बातों में जरा भी झुंझलाहट नहीं है। घायल विनोद की कराहट के बाद वह उसे ढांढस बंधाते हुए यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि चिंता न कर, बिल्कुल ठीक हो जाएगा।
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