फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीए की छात्रा ने योगी को लिखा मार्मिक पत्र, कहा- मुझे और मेरी नानी को दे दीजिए इच्छा मृत्यु

Fri, 28 Jul 2017 01:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
विज्ञापन
1 of 4
सिस्टम की अनदेखी और मुफलिसी की मार के आगे वृद्धा और उसकी धेवती हार गईं। सिर ढंकने के लिए छत और शौचालय समेत मूलभूत सुविधाओं से वंचित नानी-धेवती ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। बीए की छात्रा ने योगी को लिखा मार्मिक पत्र, कहा- मुझे और मेरी नानी को दे दीजिए इच्छा मृत्युलिखा है। पत्र में जो व्यथाएं लिखीं हैं उसने गरीबों के लिए बनाई गईं योजनाओं को उन तक पहुंचाने वाले सिस्टम के दावों की पोल खोल दी है।
विज्ञापन

2 of 4
ककोड़ थाना क्षेत्र के गांव बहोराबास पोस्ट रूपवास पचगई निवासी भूरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में बताया कि माता-पिता की काफी साल पहले मौत हो गई थी। तब से वह विधवा नानी के पास रह रही है। वह इस समय बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। भूरी ने बताया कि उनके पास न तो जमीन है और न ही कमाने का कोई अन्य साधन। घर के नाम पर एक छप्पर है, नल है न शौचालय। आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि दो जून की रोटी के भी लाले हैं। कई बार आवेदन करने पर भी उसे छात्रवृत्ति नहीं मिली। आर्थिक तंगी के चलते दोनों मानसिक तनाव में हैं। गरीबी से लड़ते-लड़ते हौसला टूटने लगा है। भूरी ने मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर किसी भी योजना के तहत आर्थिक मदद दिए जाने की मांग की है। मांग पूरी न होने की स्थित में भूरी ने अपनी नानी के साथ इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।
विज्ञापन

3 of 4
गरीबों के यहां शौचालय बनाने में जुटा प्रशासन फेल
वैसे तो शासन गरीबों के यहां शौचालय बनवाने पर जोर दे रहा है, लेकिन प्रशासन में बैठे कुछ अफसर इस योजना को पलीता लगाने में जुटे हैं। बहोराबास की यह मांग तो सिर्फ एक बानगी है। कई ऐसे पात्र हैं, जिनकी ओर प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं। वहीं, दूसरी ओर अफसर शासन की योजनाओं में पलीता भी लगा रहे हैं। हाल ही सीडीओ जसजीत कौर ने सिकंदराबाद क्षेत्र के एक गांव में पक्के घरों में सरकारी शौचालय बनवाने का भंडाफोड़ किया था। और प्रधान व अफसरों पर कार्रवाई की संस्तुति की थीं।
विज्ञापन

4 of 4
यदि छात्रा आर्थिक सहायता के लिए आवेदन करती है तो जांच कराई जाएगी। पात्र पाए जाने पर मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता के लिए संस्तुति करेंगे।-डॉ. वेदप्रकाश मिश्रा-एसडीएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें