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निर्भया जैसी दरिंदगी: दो दिन में सच्चाई से पर्दा नहीं उठा सकी पुलिस, बड़ा सवाल...मोबाइल स्विच ऑफ क्यों हैं?

Thu, 20 Oct 2022 10:32 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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नंदग्राम थाना गाजियाबाद - फोटो : ट्विटर
गाजियाबाद शहर के नंदग्राम इलाके में दिल्ली की 38 वर्षीय नर्स के साथ निर्भया जैसी दरिंदगी होने का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया गया है। वह नंदग्राम में भाई के घर से उसके जन्मदिन समारोह में शामिल होकर दिल्ली अपने घर लौट रही थी। जिस मामले में दिल्ली के निर्भया कांड जैसी दरिंदगी का आरोप लगाया गया है, उसे पुलिस ने संदिग्ध तो बता दिया लेकिन दो दिन के भीतर इसकी सच्चाई से पर्दा नहीं उठा सकी। सिर्फ इतनी ही ढिलाई नहीं है, नामजद कराए गए पांच आरोपियों में से पुलिस एक को ही हिरासत में ले पाई। सवाल यह भी उठ रहा है कि चार घरों से क्यों भागे? अगर उन्होंने यह वारदात नहीं की तो उनके मोबाइल स्विच ऑफ क्यों हैं?

पुलिस को घटना का पता मंगलवार सुबह साढ़े तीन बजे चल गया था। जिस ऑटो स्टैंड से नर्स को अगवा करना बताया गया है, उसके आसपास के लोगों से पुलिस ने बात नहीं की। यहां पास में ही पेंटर की दुकान है और दस कदम पर मंदिर है। 
 
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यहीं से नर्स का अपहरण होना बताया गया है - फोटो : अमर उजाला
मंदिर के पुजारी और दुकान के मालिक ने बताया कि पुलिस यहां नहीं आई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिस स्थान पर नर्स को प्लास्टिक के कट्टे में बंद करके फेंकना बताया गया, वहां भी पुलिस मंगलवार की शाम को अंधेरा हो जाने के बाद पहुंची। फील्ड यूनिट ने यहां जांच पड़ताल की लेकिन बुधवार तक इस जांच की रिपोर्ट नहीं आई।
 
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घटनास्थल - फोटो : अमर उजाला
गुमशुदगी की सूचना को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया
नर्स के भाई का कहना है कि 16 की रात को ही उसने पुलिस को बता दिया था कि बहन अपने घर नहीं पहुंची है। इसे पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। वह खुद ही बहन की तलाश करता रहा। 18 की सुबह पुलिस ने ही उसे फोन करके बताया कि बहन सड़क किनारे मिली है। वह दिल्ली के जीटीबी अस्पताल पहुंचा तो बहन ने पूरी बात बताई। उसके साथ निर्भया जैसी दरिंदगी हुई है।

 

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नंदग्राम थाना गाजियाबाद - फोटो : ट्विटर
महिला आयोग का नोटिस मिलने पर जागे अफसर
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने बुधवार को पुलिस को नोटिस जारी किया। इसके बाद पुलिस के अफसर हरकत में आए। एसपी सिटी ने घटना के बारे में अपना बयान गाजियाबाद पुलिस के ट्वीटर अकाउंट पर दिया। इससे पहले नंदग्राम थाना पुलिस और अफसर घटना पर चुप्पी साधे हुए थे। नोटिस के बाद ही पुलिस ने जीटीबी अस्पताल में संपर्क साधा और मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट के बारे में जानकारी की।

 
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एसएसपी मुनिराज जी. - फोटो : अमर उजाला
नामजद युवकों की घटनास्थल पर लोकेशन नहीं : एसएसपी
एसएसपी मुनिराज जी. का कहना है कि नामजद कराए गए युवकों में से एक को हिरासत में लिया है। अन्य चार नामजद के परिवार के लोगों से भी पूछताछ की गई है। पांचों नामजद आरोपियों में से किसी की भी लोकेशन घटना के बताए गए वक्त पर घटनास्थल पर नहीं मिली है। इसलिए, घटना संदिग्ध लग रही है। जांच जारी है। प्राइवेट पार्ट में रॉड डाले जाने की मेडिकल परीक्षण में पुष्टि नहीं हुई है। पांच से छह सेंटीमीटर का यू-आकार का लोहे का एक तार मिला है। इसका परीक्षण कराया जा रहा है।
 
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नंदग्राम थाना गाजियाबाद - फोटो : ट्विटर
कबीरनगर के मकान पर है विवाद
महिला के भाई ने बताया कि नामजद आरोपियों के साथ बहन का संपत्ति विवाद चल रहा है। यह दिल्ली के कबीरनगर में एक मकान का विवाद है। बहन ने शाहरुख और जावेद से मकान खरीदा था। दोनों भाई हैं। इसके बावजूद दोनों ने कब्जा नहीं छोड़ा है। मामला कोर्ट में चल रहा है। शाहरुख और जावेद की मां ने इसी मकान का सौदा दीनू से कर दिया। इसलिए, वह भी विवाद में शामिल हो गया। धौला और औरंगजेब जावेद और शाहरुख के पड़ोसी हैं और विवाद में उनका साथ दे रहे हैं।
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फाइल फोटो
गाजियाबाद सामूहिक दुष्कर्म मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि मैंने अखबार में पढ़ा और इस पर स्वत: संज्ञान लिया। हमारी दो सदस्यीय टीम पीड़िता और उसके परिवार से मिलने गई है। यह भीषण घटना है और निर्भया मामले के बाद और कड़े क़ानून लाने के बाद भी ऐसी घटना बढ़ रही हैं।



 
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