उन लोगों ने मेरे जीने का सहारा छीन लिया...न अपना मकान न रोजगार बेटे को भी इन लोगों ने छीन लिया, अब कैसे जिऊंगी। जिन लोगों ने मेरे साथ ऐसा किया है उनके साथ भी ऐसा हो। यह बातें सूर्या की मां सरोज ठाकुर ने रविवार की सुबह बेटे को याद करते हुए कहीं। वहीं जब पुलिस ने परिवार को मुख्यारोपी असद को मुठभेड़ में ढेर करने की बात बताई तब उन्हें शायद कुछ संतुष्टि हुई। हालांकि परिवार ने कहा इस बात पर वह तब तक यकीन नहीं करेंगे जब तक उन्हें असद का शव नहीं दिखाया जाता। पुलिस अधिकारी और मौके पर पहुंचे राजनेताओं के समझाने पर परिजनों को यकीन हुआ।