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निठारी कांड के 12वें मामले में सुरेंद्र कोली की सजा पर आज होगी बहस, माता-पिता ने कपड़ों से की थी बेटी की पहचान

Sat, 16 Jan 2021 11:18 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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निठारी कांड
नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड के 12वें मामले में भी सुुरेंद्र कोली को सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को दोषी पाया। इसके पहले 11 अन्य मामलों में सुरेंद्र कोली को सीबीआई कोर्ट फांसी की सजा सुना चुकी है। दूसरे आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। सुरेंद्र कोली की सजा पर शनिवार को सीबीआई के न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत में बहस होगी, इसके बाद सजा सुनाई जाएगी। निठारी कांड में चार और मामलों में सुनवाई चल रही है। जानिए क्या था 12वां मामला जिसमें कोली को दोषी करार दिया गया है...
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nithari
सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि निठारी गांव में रहने वाली एक लड़की सेक्टर-30 की में कोठियों में काम करती थी। वह 12 नवंबर, 2006 को एक घर में काम करने के लिए मां के साथ गई हुई थी। मां अपनी बेटी को सेक्टर 30 को जाने वाले रास्ते की पुलिया पर छोड़कर घर आ गई थी। इसके बाद लड़की कभी लौटकर नहीं आई। युवती के पिता और मां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए चक्कर काटते रहे, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।
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माता-पिता ने कपड़ों से की थी बेटी की पहचान
29 दिसंबर 2006 को सीबीआई ने सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को गिरफ्तार करके उसकी  निशानदेही पर सेक्टर-31 स्थित डी-5 कोठी के पास नाले से बच्चों के अवशेष बरामद किए थे। उस दौरान कोठी के पीछे वाले हिस्से में मृतकों के कपड़े सहित अन्य सामान बिखरे पड़े थे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान कोठी में भीड़ लग गई थी। इसी दौरान लड़की के मां-बाप भी वहां पहुंच गए। दोनों ने लड़की के सूट और सलवार की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने मामले में भी कोली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। बाद में कोली ने जुर्म कबूल कर बताया था कि उसने बच्चों की हत्या करके शव नाले में फेंक दिए थे। उसने लड़की के साथ दुष्कर्म कर हत्या का जुर्म भी कबूल किया था। गवाहों के बयान के आधार पर सीबीआई कोर्ट ने मोनिंदर सिंह पंढेर को भी आरोपी बनाया था। नाले में मिले अवशेष और मां-बाप के डीएनए का मिलान भी हैदराबाद की लैब में हो गया था।

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305 तारीखों पर सुनवाई के दौरान पेश हुए 38 गवाह
निठारी कांड के अन्य मामलों का खुलासा होने पर इस मामले को भी सीबीआई ने 11 जनवरी को अपने हाथ में ले लिया था। सीबीआई ने 26 जुलाई 2007 को अदालत में चार्जशीट पेश की थी। मामले में सीबीआई कोर्ट में 305 दिन सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 38 गवाह पेश किए।
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nithari case - फोटो : अमर उजाला
19 मामलों में दर्ज हुई थी रिपोर्ट, तीन में क्लोजर रिपोर्ट
सीबीआई ने कुल 19 मामलों में रिपोर्ट दर्ज की थी। तीन मामलों में साक्ष्य न मिलने से क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी, जबकि 16 मामले सीबीआई कोर्ट में चले। अब तक 11 मामलों में फैसला आ चुका है, जबकि एक मामले में सजा पर शनिवार को बहस होगी। अभी चार और मामले अदालत में विचाराधीन हैं।
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अदालत से बाहर आते हुए सुरेंद्र कोली - फोटो : अमर उजाला
कब-कब सुनाई फांसी की सजा
13 फरवरी 2009 : सुरेंद्र कोली एवं मोनिंदर सिंह पंढेर फांसी की सजा। हाईकोर्ट से पंढेर बरी।
12 मई 2010 : सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा।
 28 अक्तूबर 2010 : सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा।
 22 दिसंबर 2010 : सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा।
 24 दिसंबर 2012 : सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा।
 7 अक्तूबर 2016 : सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा।
 16 दिसंबर 2016 : सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा।
 24 जुलाई 2017 : सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा, पंढेर बरी।
 08 दिसंबर 2017 : सुरेंद्र कोली एवं मोनिंदर सिंह पंढेर को फांसी की सजा।
 02 मार्च 2019 : सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा। पंढेर बरी।
 06 अप्रैल 2019 : सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा। पंढेर बरी।
15 जनवरी 2021 : सुरेंद्र कोली दोषी करार। मोनिंदर पंढेर बरी।
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