गाजियाबाद हादसा
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तीन मीटर दूरी पर होने चाहिए थे पिलर
निर्माण के नियमों के मुताबिक, ऐसे किसी भी सिविल स्ट्रक्चर में करीब ढाई से तीन मीटर की दूरी पर पिलर होने चाहिए। लिंटर के वजन के हिसाब से ही पिलर्स की मोटाई भी तय की जाती है। मुरादनगर श्मशान घाट के गलियारे में पिलर्स की दूरी करीब 5 से 6 मीटर के बीच थी। 70 फीट की लंबाई में दोनों साइड में 18 पिलर्स होने चाहिए थे, जबकि मौके पर सिर्फ 12 पिलर्स थे। इन पिलर्स की मोटाई भी करीब 9 इंच मिली है, जो बेहद कम हैं।