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दाढ़ी काटने के मामले में नया मोड़: फिर बयान से पलटा तांत्रिक समद, कहा-दाढ़ी काटी पर धार्मिक नारे नहीं लगवाए

Wed, 23 Jun 2021 10:19 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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beard cutting case - फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के लोनी में मारपीट कर दाढ़ी काटने वाले आरोपी अज्ञात नहीं, बल्कि तांत्रिक के जानकार थे। आरोपियों ने उनसे कोई धार्मिक नारे नहीं लगवाए और वह ऑटो की बजाय परिचित के साथ बाइक से गए थे। यह बात किसी और ने नहीं, बल्कि खुद अपने बयानों में पीड़ित तांत्रिक अब्दुल समद ने कही है। पुलिस के मुताबिक समद ने अपने बयानों में एफआईआर में लिखवाई गई कहानी को पूरी तरह झुठला दिया है। अनूपशहर निवासी सूफी अब्दुल समद ने 7 जून को लोनी बॉर्डर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी कि वह 5 जून को बेहटा हाजीपुर के लिए आए थे। दिल्ली गोल चक्कर से वह एक ऑटो में बैठे। रास्ते में ऑटो चालक के साथी भी बैठ गए। ऑटो सवार युवक उन्हें बेहटा हाजीपुर के जंगल में ले गए। उन्होंने उन्हें तीन घंटे बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट करने का केस दर्ज किया था। 14 जून को समद के साथ हुई घटना की वीडियो वायरल हुई तो उसमें बुजुर्ग की दाढ़ी काटने का पता चला। 
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beard cutting case - फोटो : अमर उजाला।
इतना ही नहीं, लक्ष्मी गार्डन निवासी सपा नेता उम्मेद पहलवान के साथ एक वीडियो वायरल हुई, जिसमें धार्मिक नारे न लगाने पर अज्ञात लोगों द्वारा दाढ़ी काटने का आरोप लगाया। पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया कि समद के साथ घटना करने वाले आरोपी अज्ञात ऑटो सवार नहीं बल्कि उनका पूर्व जानकार प्रवेश गुर्जर और उसके साथी थे।
 
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beard cutting case - फोटो : अमर उजाला।
एफआईआर और बयानों में मिला विरोधाभास
पीड़ित अब्दुल समद द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर और उनके बयानों में विरोधाभास मिला है। उन्होंने बयानों में अज्ञात ऑटो सवारों की बजाय बंथला निवासी प्रवेश गुर्जर द्वारा साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात कही है। साथ ही घटना स्थल लोनी बॉर्डर थाने के बेहटा हाजीपुर की जगह लोनी थाना क्षेत्र का बंथला गांव बताया है।
 

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उम्मेद पहलवान - फोटो : अमर उजाला
उम्मेद के प्रभाव में आकर समद ने छिपाए तथ्य
पुलिस की जांच और पीड़ित के बयानों के आधार पर सामने आया है कि अब्दुल समद का मकसद धार्मिक उन्माद फैलाना नहीं था। बल्कि, सपा नेता उम्मेद पहलवान ने उनका इस्तेमाल किया। समद के बयानों में धार्मिक नारेबाजी की बात भी सामने नहीं आई है। 
 
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beard cutting case - फोटो : अमर उजाला
पुलिस का यह तो मानना है कि एफआईआर दर्ज कराने के दौरान समद ने तथ्य छिपाए, लेकिन यह भी मानना है कि यह सब कुछ उन्होंने उम्मेद के प्रभाव में आकर किया। सीओ लोनी अतुल कुमार सोनकर का कहना है कि अब्दुल समद के बयान और एफआईआर में लिखी बातों में विरोधाभास मिला है। असलियत में जो घटना हुई थी, समद ने अपने बयानों में वही बताई है।
 
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आरोपी उम्मेद - फोटो : अमर उजाला
उम्मेद की जमानत अर्जी पर सुनवाई 30 को
पुलिस के मुताबिक तांत्रिक के साथ हुई घटना का सहारा लेकर उम्मेद ने भड़काऊ वीडियो वायरल की थी। उसके पीछे उसका मकसद राजनैतिक लाभ लेना था। धार्मिक उन्माद फैलाने का केस दर्ज कर पुलिस ने उस पर वीडियो से छेड़छाड़ करने की धारा भी बढ़ाई थी।
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उम्मेद पहलवान - फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस उम्मेद को जेल भेज चुकी है। जिस पर सुनवाई की तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। पुलिस का कहना है कि उम्मेद को जमानत न मिले, इसके लिए कोर्ट में मजबूत पैरवी की जाएगी।
 
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