बेटे हरीश के साथ मां
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एक परिवार नहीं, पूरे समाज की पीड़ा
स्थानीय निवासी दीपांशु मित्तल ने कहा कि यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की पीड़ा है। उनके अनुसार, हरीश के माता-पिता ने जो सहा है, उसे शब्दों में बयां करना संभव नहीं। एक अभिभावक होने के नाते वह इस दर्द को गहराई से महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरी सोसायटी परिवार के साथ खड़ी है।