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UP: टूटते मन और अकेलेपन की गवाही दे रहीं पूजा घर की दीवारें, फ्लैट 907 का वो रूम जहां अधिक समय रहती थीं तीनों

Thu, 05 Feb 2026 12:12 PM IST
शाहरुख खान समीर बिसारिया, अमर उजाला, साहिबाबाद/गाजियाबाद

सार

गाजियाबाद में तीन बहनों की खुदकुशी के मामले में पुलिस की जांच जारी है। जांच में सामने आया है कि फ्लैट नंबर 907 के पूजा घर की दीवारें टूटते मन और अकेलेपन की गवाही दे रहीं हैं। दीवारों पर जगह-जगह आकृतियां और स्लोगन लिखे हैं। फर्श पर फोटो बिखरे मिले हैं। किशोरियां अधिकांश समय एक ही कक्ष में बिताती थीं।
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Ghaziabad Triple Sister suicide - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
गाजियाबाद के साहिबाबाद में फ्लैट नंबर 907 का पूजा घर अब सिर्फ एक कमरा नहीं रहा, बल्कि तीन बहनों के टूटते मन और अकेलेपन की खामोश की गवाही बन गया है। तीनों किशोरियों ने जिस खिड़की से छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त की, उस कमरे की दीवारें उनके अंतर्मन में चल रहे संघर्ष को बयां करती हैं। 

दीवारों पर बने क्रॉस के निशान ऐसे हैं, मानो किसी ने बार-बार खुद को समझाने या संभालने की कोशिश की हो और हर बार असफल होकर उन्हें मिटा दिया हो।
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फ्लैट में फैली तस्वीरें - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फर्श पर तीनों किशोरियों के बचपन की तस्वीरें बिछी मिलीं
इसी पूजा कक्ष की फर्श पर तीनों किशोरियों के बचपन की तस्वीरें बिछी मिलीं। मासूम मुस्कान, पिता के साथ बिताए पल और परिवार के साथ खिंची यादगार तस्वीरें मानो जिंदगी के उन पन्नों को आखिरी बार देख लेने की चाह हो। 
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भारत सिटी सोसायटी के फ्लैट में कमरे की दीवार पर किशोरी ने लिखी लाइन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दीवारों पर लिखे मिले स्लोगन
दीवारों पर लिखे स्लोगन मेक मी ए ब्रोकन हार्ट, आई एम अलोन उन भावनाओं को उजागर करते हैं, जिन्हें शायद वे किसी से कह नहीं सकीं। भारत सिटी सोसायटी के बी-1 टॉवर स्थित चेतन कुमार के फ्लैट में दाखिल होते ही दाहिने हाथ पर उनकी दूसरी पत्नी हिना का कमरा है।

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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : पीटीआई
तीनों बहनों का पूजा कक्ष में बीतता था अधिकांश समय
सामने पहली पत्नी सुजाता का कमरा और उससे सटा हुआ पूजा कक्ष। यहां परिवार के सभी सदस्यों का आना-जाना था, लेकिन तीनों बहनों का अधिकांश समय यहीं बीतता था। यही कमरा उनके सुकून की जगह था और विदाई का रास्ता भी बना।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : पीटीआई
हादसे के बाद जब पुलिस की फील्ड यूनिट ने पूजा कक्ष का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, तो जलती हुई आर्टिफिशियल एलईडी लाइटें और बिखरी तस्वीरें देख कुछ पल के लिए ठिठक गई। यहीं एक पॉकेट डायरी भी मिली, जिसमें दर्ज शब्द किशोरियों के भीतर के अकेलेपन और मानसिक उथल-पुथल की ओर इशारा करते हैं।
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गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस - फोटो : अमर उजाला
स्टूल पर चढ़कर निकाला खिड़की का शीशा
जिस खिड़की से कूदकर तीनों बहनों ने जान दी, वह फर्श से करीब पांच फीट ऊंची है। आत्महत्या से पहले तीनों बहनों ने खिड़की पर चढ़ने के लिए प्लास्टिक का सीढ़ीनुमा स्टूल लगाया था। इसके बाद खिड़की के बीच में लगा शीशा निकालकर नीचे रखा और छलांग लगा दी।
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एंबुलेंस में शव को लेकर जाते लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग की लत में तीन मासूम बहनों ने दी जान
सॉरी पापा, आई एम रियली सॉरी। यह शब्द गाजियाबाद की उन तीन मासूम बेटियों के सुसाइड नोट के हैं, जिन्होंने ऑनलाइन गेम की लत के चलते नौवीं मंजिल की अपनी बालकनी से कूदकर जान दे दी। तीन नाबालिग बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) की मौत की इस दर्दनाक घटना ने देश को झकझोर दिया है। 

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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद जांच के लिए आई पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन की लत और कोरियाई लवर गेम से प्रभावित तीनों बहनें फोन छीन लिए जाने से आहत थीं। दिल दहला देने वाली यह घटना साहिबाबाद के टीलामोड़ की भारत सिटी सोसायटी में मंगलवार देर रात करीब दो बजे हुई। पुलिस को किशोरियों के कमरे से पॉकेट डायरी मिली है, जिसमें आठ पेज का सुसाइड नोट लिखा गया है। 

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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोती इमोजी के साथ छोड़ा सुसाइड नोट
किशोरियों ने 8 पन्ने का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें रोती हुई सूरत वाली इमोजी बनी है। नोट में लिखा है-सॉरी पापा, आई एम रियली सॉरी। कोरियाई संस्कृति से प्रेम व आकर्षण होने की बात भी लिखी है। पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि आप भारतीय हैं और हम कोरियाई। हम किसी भारतीय से शादी कैसे कर सकते हैं।

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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद जांच के लिए आई पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के अनुसार, पिता से पूछताछ में सामने आया कि दो दिन पहले उन्होंने बेटियों को डांटते हुए जल्द शादी करवाने की चेतावनी दी थी। जिस कमरे की खिड़की से तीनों बहनों ने छलांग लगाई, उसकी दीवारों पर आई एम वेरी वेरी अलोन, मेक मी ए हॉर्ट ऑफ ब्रोकन जैसे स्लोगन लिखे हैं। कमरे के फर्श पर तीनों बहनों की बचपन की फोटो अलग कलाकृति में रखी हुई थी। बीच में उनकी मां का मोबाइल फोन भी रखा था।

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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस व फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। शुरुआती जांच में परिवार वालों ने किशोरियों के कोरियाई संस्कृति से प्रभावित होने की बात कही है। सुसाइड नोट की लिखावट व मोबाइल फोन जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं। निमिष पाटील, डीसीपी ट्रांस हिंडन

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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद जांच करती पुलिस टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मनोवैज्ञानिक बोले
किशोरियों के कमरे में बने निशान और बार-बार लिखकर मिटाने को लेकर वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. संजीव त्यागी का कहना है कि यह कोई एकाएक हुई प्रक्रिया नहीं थी। किशोरियां धीरे-धीरे अपने परिवार से भावनात्मक रूप से अलग हो रही थीं। उनके मन में बचपन की छवि थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल की लत के कारण उनकी दुनिया बदल गई। 
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भारत सिटी सोसायटी के फ्लैट में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद पुलिस को मिला नोट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मनोचिकित्सक के अनुसार यदि बच्चों का स्कूल जाना नहीं छूटता और परिवार का सहयोग मिलता तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। बच्चों का पढ़ाई में मन न लगना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे स्कूल नहीं जा सकीं और माता-पिता ने भी उनकी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया। इस वजह से वे खुद को अलग-थलग महसूस करने लगीं। मोबाइल की लत ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया।

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