गाजियाबाद में तीन बहनों की खुदकुशी के मामले में सामने आया है कि चेतन ने भारत सिटी सोसायटी में दो फ्लैट ले रखे हैं। एक में सुजाता और हिना दूसरे में टीना रहती है। दोनों फ्लैट का किराया 35 हजार रुपये है। यहां आए दिन पार्टी होती है।
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Ghaziabad Suicide Case
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
गाजियाबाद में तीन बेटियों की पढ़ाई बंद कराने के पीछे आर्थिक तंगी का हवाला देने वाले चेतन कुमार के खर्च भारी-भरकम हैं। वह भारत सिटी सोसायटी में सिर्फ रहने के लिए ही हर माह 35 हजार रुपये खर्च करते हैं। इनमें 26 हजार रुपये दो फ्लैट के किराये में जाते हैं। करीब नौ हजार रुपये बिजली बिल व रखरखाव शुल्क है।
इतना ही नहीं, इनमें से एक फ्लैट में आए दिन पार्टी होती थी। इतने खर्च के बावजूद चेतन के पास बेटियों को शिक्षित करने के नाम पर पैसों की कमी थी। यह सच्चाई तब सामने आई, जब पुलिस ने चेतन के काम और आय स्रोतों की छानबीन की।
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Ghaziabad Triple Suicide
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस जांच में सामने आया कि चेतन खजूरी से दिल्ली आए तो लोन एजेंट का काम किया। वह बैंक व फाइनेंस कंपनी से संपर्क कर लोगों को लोन दिलाते थे। बदले में कमीशन लेते थे। इसके बाद वह वाहनों की खरीद-फरोख्त करने लगे। इसमें भी अच्छी कमाई हुई।
हालात बेहतर हुए तो गाड़ी से चलने लगे, फ्लैट भी खरीद लिया। इसी दौरान दिल्ली के सीलमपुर की सुजाता से शादी की। कुछ वर्ष बाद उनकी बहन हिना से भी शादी कर ली। इसके बाद वक्त ने करवट बदली और चेतन की दोनों गाड़ियां बिक गईं।
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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद जांच के लिए आई पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किराये के फ्लैट में रहने की स्थिति आ गई। पहले वह साहिबाबाद के राजेंद्र नगर में सेक्टर दो स्थित शुभधाम अपार्टमेंट में परिवार के साथ रहे। अपना आधार कार्ड भी इसी पते पर बनवाया। इसके बाद ऑक्सी होम सोसायटी और फिर भारत सिटी सोसायटी में दो फ्लैट किराये पर लिए।
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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद जांच के लिए आई पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यहां रहते हुए ही शेयर मार्केट में दो करोड़ रुपये फंसने और लगभग 30 लाख रुपये का कर्ज होने की बात पुलिस को पूछताछ में उन्होंने बताई है। पुलिस का भी मानना है कि अनावश्यक खर्चों को रोककर चेतन ने बेटियों की पढ़ाई पर ध्यान दिया होता तो शायद वह आज उनके साथ होतीं।
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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बैंक रिकॉर्ड से साफ होगी कर्ज पर स्थिति
डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने बताया कि अब तक चेतन पर करीब 30 लाख रुपये कर्ज की बात सामने आई है। इसकी स्पष्ट जानकारी के लिए बैंक को पत्र लिखकर खातों व लेनदेन का रिकॉर्ड मांगा है। यह भी पता लगा रहे हैं कि कोई लोन तो नहीं है।
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फ्लैट में फैली तस्वीरें
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक फ्लैट 12 तो दूसरा 14 हजार रुपये में
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि करीब तीन वर्ष पहले चेतन ने वर्ष 2022 में भारत सिटी सोसायटी के सी-2 टॉवर में टू बीएचके फ्लैट 12 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर लिया था। इसमें वह तीसरी पत्नी टीना और सबसे छोटी बेटी देबू के साथ रहता था। यहीं से शेयर ट्रेडिंग का काम भी संभालता था।
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भारत सिटी सोसायटी में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद जांच करती पुलिस टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोसायटी का माहौल ठीक लगने पर उसने वर्ष 2023 में बी-1 टॉवर में 14 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर थ्री-बीएचके फ्लैट लिया। यहां पहली व दूसरी पत्नी सुजाता और चार अन्य बच्चों को रखा। इससे पहले ये लोग ऑक्सीहोम सोसायटी और राजेंद्रनगर में रहते थे।
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Ghaziabad Sisters Suicide
- फोटो : अमर उजाला
सी-2 टॉवर के फ्लैट नंबर 405 में रहने वाली कल्पना श्रीवास्तव के अनुसार, सी-2 टॉवर वाले फ्लैट में अधिकतर टीना और छोटी बच्ची ही आते थे। सप्ताह में दो-तीन दिन पार्टी होती थी। इस दौरान कई महिलाएं और पुरुष आते-जाते थे।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : पीटीआई
मां नहीं, पिता के करीब थीं तीनों बेटियां
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीनों किशोरियां निशिका, प्राची व पाखी अपनी मां से ज्यादा मतलब नहीं रखती थीं, जबकि पिता चेतन के बेहद करीब थीं। इसका कारण था, बेटियों की हर बात मानना और उनकी अनावश्यक इच्छाओं को भी पूरा करना।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : पीटीआई
यही कारण था कि जब निशिका और प्राची ने मोबाइल फोन मांगा तो पिता ने बिना सवाल-जवाब किए और जरूरत जाने दिला दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि कई बार बेटियों के कहने पर चेतन ने खुद उनको कोरियन डिजाइन के कपड़े व अन्य चीजें दिलाई थीं।
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इसी सोसायटी में तीन किशोरियों ने की खुदकुशी
- फोटो : पीटीआई
पांचवीं तक मोबाइल फोन में होमवर्क भेजने पर लगवाई जाएगी रोकः डॉ. बबिता
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने कहा कि पांचवीं तक के बच्चों को विद्यालयों की ओर से मोबाइल फोन पर होमवर्क भेजने पर रोक लगवाई जाएगी। वह तीन बहनों के सामूहिक आत्महत्या मामले में शनिवार को भारत सिटी सोसायटी पहुंचीं। यहां उन्होंने मासूमों के पिता चेतन कुमार, उनकी पत्नी सुजाता, हिना और टीना से मुलाकात कर बातचीत की।
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निमिष पाटिल, डीसीपी
- फोटो : एएनआई
करीब 15 मिनट तक घर के भीतर रहने के बाद बाहर आकर उन्होंने मीडिया से बात की और कहा कि इस तरह के हादसों के लिए कहीं न कहीं परिवार की भूमिका और लापरवाही भी जिम्मेदार होती है। डॉ. बबिता शाम करीब 4:41 बजे चेतन कुमार के फ्लैट पर पहुंचीं। उन्होंने जान देने वाली तीनों किशोरियों की माताओं सुजाता और हिना को ढांढस बंधाया। साथ ही चेतन से पूरे मामले को लेकर चर्चा की। करीब 4:56 बजे वह फ्लैट से बाहर निकलीं। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत की।
डॉ. बबिता ने कहा, यह बेहद चिंताजनक है कि एक ही घर में इतने लोग रहते थे, फिर भी किसी ने बच्चियों को मोबाइल फोन और गेम की लत से रोकने की गंभीर कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि परिवार को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए थी। ऐसे हादसों में यह कहना गलत नहीं होगा कि परिवार की लापरवाही भी एक कारण बनती है।
किशोरियां स्कूल क्यों नहीं जा रही थीं, माता-पिता को देना होगा जवाब
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि किशोरियां स्कूल क्यों नहीं जा रही थीं। इसका जवाब माता-पिता को देना होगा। स्कूलों में मोबाइल के उपयोग को लेकर उन्होंने स्पष्ट कहा कि पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को मोबाइल की कोई जरूरत नहीं है। अक्सर स्कूल कार्य के बहाने बच्चे मोबाइल लेते हैं और फिर अनावश्यक सामग्री देखने लगते हैं, जबकि माता-पिता इस पर ध्यान नहीं देते।
यह भी कहा कि दो दिन पहले दिए गए निर्देशों के तहत यह सुनिश्चित कराएंगी कि सभी स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को मोबाइल पर होमवर्क न दिया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।