गाजियाबाद के लोनी के बेहटा हाजीपुर में पार्किंग ठेकेदार शारिक के मकान में लगी आग में पांच लोगों को जिंदा जल जाने से पूरी बस्ती मातम में डूबी हुई है। बृहस्पतिवार को किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। सुबह पोस्टमार्टम के बाद शारिक की पत्नी और बेटे के शव बस्ती में पहुंचे तो हर किसी की आंख नम हो गई। लोग कह रहे थे कि इस हादसे पर यकीन करना भी मुश्किल है।
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- फोटो : अमर उजाला
शारिक के परिवार के आसपास के लोगों से मधुर संबंध हैं। पड़ोसियों ने जैसे ही मकान में आग लगती देखी, बाल्टियां लेकर आ गए। सभी ने भरसक प्रयास किया लेकिन पांच लोगों की जिंदगी नहीं बचा पाए। सैकड़ों लोग जमा हो गए थे।
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इतनी भीड़ थी कि संकरी गली में अग्निश्मन की टीम को पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। कोई बाल्टी लेकर आया तो कोई सीढ़ी लेकिन थोड़ी देर में ही आग और धुआं पूरे मकान में फैल गया। रात 12 बजे पांच लोगों के शव निकाले गए।
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बृहस्पतिवार सुबह पांचों का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद शारिक की पत्नी परवीन और बेटे फैज का शव बेहटा हाफिजपुर पहुंचा। शारिक के मकान का सारा सामान आग से राख हो गया। इसलिए, शवों को पड़ोसी के घर में रखवाया गया। उन्हें कब्रिस्तान ले जाया। जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मां-बेटे को एक ही कब्र में सुपुर्द ए खाक किया गया।
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शारिक की बहन, बहनोई और उनकी बेटी के शव को रटौल ले जाया गया। बहनोई सैफुर रहमान रटौल के ही निवासी थे। परवीन और फैज को सुपुर्द ए खाक करने के बाद शारिक के परिवार के लोग रटौल के लिए रवाना हो गए।
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95 से 100 फीसदी जलने से हुई पांचों की मौत
बृहस्पतिवार सुबह सभी मृतकों का पोस्टमार्टम हुआ। जांच में इनकी मौत 95 से 100 फीसदी जलने से हुई है। वहीं घायल उजमा की हालत गंभीर बनी हुई है। वह 60 फीसदी से भी अधिक जल चुकी है। एसीपी (अंकुर विहार) भास्कर वर्मा ने बताया कि पांच लोगों की मौत झुलसने से हुई है। मामले में किसी ने तहरीर नहीं दी है। फिर भी पुलिस जांच कर रही है कि इस घटना में किसकी लापरवाही है।
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15 मिनट पहले ही बीमार पिता नमाज पढ़ने गए थे
शारिक के पिता इश्तियाक करीब 15 वर्षों से बीमार चल रहे हैं। वह चलने और बोलने में असमर्थ हैं। घटना से 15 मिनट पहले ही वह किसी तरह घर से नीचे आए थे। फिर आसपास के लोगों की मदद से मस्जिद गए थे। वहां उन्होंने नमाज अदा की। लोगों का कहना है कि घटना के दौरान इश्तियाक घर पर होते तो वह भाग नहीं पाते।
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पानी के टैंकर नहीं पहुंच सके
जिस मकान में आग लगी थी, वह अंदर गलियों में था। दमकल विभाग की गाड़ियां आईं, लेकिन 300 मीटर पहले ही रुक गई। आगे गली छोटी थी। दमकल कर्मियों ने 300 मीटर तक पानी का पाइप जोड़ा फिर पानी मकान तक पहुंचा। आग लगने पर घर का सारा सामान, एक कार, बाइक समेत अन्य सामान जल कर राख हो गया था।
नहीं मिला हाइट बैरिकेड
लोनी के एसडीएम निखिल चक्रवर्ती ने बताया कि मौके पर कुछ लोगों का कहना था कि रास्ते में कुछ दबंगों ने हाइट बैरिकेड लगा रखे हैं। इस कारण दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंच सकी थी। सुबह टीम बैरिकेड को हटाने पहुंची, लेकिन वहा कोई बैरिकेड नहीं मिला। यदि भविष्य में कोई बैरिकेड लगाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई जाएगी। वहीं उन्होंने कुछ दिनों पहले ही लोनी नगर पालिका, दमकल विभाग और जीडीए को पत्र लिखा था कि जल्द घरों में चल रहे छोटे कारखानों का चिन्हित करण कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जल्द बैठक होगी।